October 8, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

बड़ी खबर: मुलमुला हाई स्कूल बना राखड़ का डंप यार्ड! बच्चों की सांसों पर खतरा, जिम्मेदार मौन!

1 min read
Spread the love

*जांजगीर-चांपा।* जिले पामगढ़ विकास खण्ड में शिक्षा के मंदिर भी अब प्रदूषण के कारोबार से अछूते नहीं रहे। मामला मुलमुला हाई स्कूल का है, जहां बच्चों के खेलने के मैदान को अवैध फ्लाई ऐश राखड़ का डंपिंग जोन बना दिया गया है।

*उदघोष समय न्यूज* की ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मुनाफे के लालच में स्कूल परिसर में ट्रकों से भर-भरकर जहरीली राखड़ डाली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस काले कारोबार को छिपाने के लिए ऊपर से मुरूम डालकर समतलीकरण भी किया जा रहा है, ताकि किसी को शक न हो।

*बच्चों की सेहत दांव पर, क्लास में उड़ रही राख*

जरा सी हवा चलती है और पूरा स्कूल परिसर जहरीली धूल के गुबार में समा जाता है। यह फ्लाई ऐश सीधे कक्षाओं में घुसती है। शिक्षक पढ़ा रहे हैं, बच्चे खांस रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार फ्लाई ऐश में सिलिका और भारी धातुएं होती हैं जो बच्चों में अस्थमा, आंखों में जलन और फेफड़ों की गंभीर बीमारी का कारण बन सकती हैं।

अभिभावकों में भारी आक्रोश है। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया – _”हम बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, राख फांकने नहीं। अगर यही हाल रहा तो हम स्कूल में ताला जड़ देंगे।”_

*प्राचार्या का अहंकार: अनुमति नहीं, धौंस पूरी*

जब हमारी टीम ने मौके पर जाकर प्राचार्या से इस अवैध डंपिंग की अनुमति के बारे में पूछा तो उनका रवैया चौंकाने वाला था। राखड़ की वैध अनुमति दिखाने के बजाय वो मीडिया पर ही भड़क गईं और सवाल दाग दिया – _”आप बिना अनुमति स्कूल में कैसे घुसे?”_

सवाल यह है कि मैडम के पास खुद राखड़ डंप करने की किस विभाग से अनुमति है? शिक्षा विभाग की जमीन पर पर्यावरण प्रदूषण करने का अधिकार किसने दिया?

*कानून क्या कहता है?*

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से NOC लेना अनिवार्य है। बिना लाइनिंग और बिना अनुमति के सरकारी स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर डंपिंग करना सीधे तौर पर *पर्यावरण अपराध* की श्रेणी में आता है।

*पामगढ़ एसडीएम ने कहा:*

इस संबंध में जब पामगढ़ एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने की बात कही और कहा कि _”मामला संज्ञान में आया है, जांच करवाकर पर्यावरण बोर्ड के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।”_

वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी अब तक कुंभकर्णी नींद में हैं।

*ग्राम वासियों एवं अभिभावकों की मांग:*

1. स्कूल परिसर से तत्काल फ्लाई ऐश हटाई जाए।

2. डंपिंग करने वाले ठेकेदार और अनुमति देने वालों पर FIR दर्ज हो।

3. बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।

*क्या प्रशासन किसी बड़ी बीमारी फैलने का इंतजार कर रहा है?*

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp