अंधेरे में डूबा धरमजयगढ़ का ‘गौरव’, DIET मार्ग बना खतरनाक सफर की पहचान !
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गौरव पथ से पतरापारा तक पसरा अंधेरा, बंद स्ट्रीट लाइट और झाड़ियों ने बढ़ाई परेशानी; छात्राओं, महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा पर चिंता

धरमजयगढ़ – दिन के उजाले में भविष्य के शिक्षकों को तैयार करने वाला धरमजयगढ़ का प्रतिष्ठित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान DIET रात होते ही बदहाली और अंधेरे के बीच घिर जाता है। नगर के गौरव पथ से DIET और पतरापारा की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग लंबे समय से पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के अभाव में राहगीरों के लिए परेशानी और चिंता का कारण बना हुआ है। शाम ढलते ही मार्ग के कई हिस्सों में अंधेरा छा जाने से यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है।

गौरव पथ से आगे बढ़ते ही बदल जाता है नजारा
नगर के मुख्य मार्ग और गौरव पथ से DIET की ओर जाने वाले रास्ते पर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर नजर आती है। पतरापारा मोहल्ले के अंतिम छोर तक जाने वाले इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से पैदल राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खासकर शाम के बाद इस मार्ग से आवागमन करने वाली महिलाओं, छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

अंधेरे के साथ झाड़ियों का साया भी बढ़ा रहा खतरा
समस्या केवल प्रकाश व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क के दोनों ओर जगह-जगह बढ़ी झाड़ियां और खरपतवार भी मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। घनी झाड़ियों के कारण सड़क किनारे की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती और जहरीले सांप-बिच्छू अथवा अन्य जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी रहती है।
धरमजयगढ़ क्षेत्र वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से भी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में अंधेरे और झाड़ियों से घिरे मार्ग पर रात के समय लोगों की चिंता स्वाभाविक है।

अंधेरा बढ़ाता है असामाजिक तत्वों की आशंका
स्थानीय लोगों के मुताबिक, किसी भी सुनसान मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर समस्या बन सकता है। DIET मार्ग पर भी रात के समय अपेक्षित रोशनी नहीं होने से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की आशंका को लेकर नागरिक चिंतित हैं।
सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को होती है जिन्हें देर शाम इस मार्ग से होकर अपने घरों या संस्थानों तक पहुंचना पड़ता है। लोगों का कहना है कि प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि मार्ग पर सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ेगा।

प्रतिष्ठित संस्थान के मार्ग की उपेक्षा क्यों?
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कोई सामान्य संस्थान नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशिक्षणार्थियों और शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का आवागमन होता है। ऐसे संस्थान तक पहुंचने वाले मार्ग का अंधेरे में डूबा रहना व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित निकाय द्वारा मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइटों का निरीक्षण कर खराब लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाए तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों और खरपतवार की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

बड़ी अनहोनी से पहले जागें जिम्मेदार
नागरिकों का कहना है कि किसी दुर्घटना, अपराध या जहरीले जीवों से जुड़ी अप्रिय घटना के बाद व्यवस्था सुधारने से बेहतर है कि समय रहते आवश्यक कदम उठा लिए जाएं। DIET जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की ओर जाने वाला मार्ग रात में अंधेरे और झाड़ियों से घिरा रहे, यह स्थिति निश्चित रूप से सुधार की मांग करती है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन इस समस्या को कब गंभीरता से लेते हैं और DIET मार्ग को अंधेरे से निकालकर सुरक्षित एवं रोशन मार्ग में बदलने के लिए कब ठोस कार्रवाई करते हैं।
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