लिखित आश्वासन के महीनों बाद भी नहीं हुआ माँ बंजारी देवी मंदिर का जीर्णोद्धार, नवरात्रि सिर पर और मंदिर परिसर अब भी उपेक्षित !
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धरमजयगढ़ – सड़क निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग से माँ बंजारी देवी मंदिर परिसर सहित शासकीय संपत्तियों को हुई क्षति के मामले में निर्माण एजेंसी डीबीएल द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के महीनों बाद भी अब तक मंदिर अथवा मंदिर परिसर में आवश्यक जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। नवरात्रि पर्व के आरंभ होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के आस्था के प्रमुख केंद्र माँ बंजारी देवी मंदिर की स्थिति को लेकर लोगों में निराशा देखी जा रही है।

फाइल फोटो

स्थानीय स्तर पर क्षति की शिकायत सामने आने के बाद डीबीएल की ओर से लिखित रूप से यह भरोसा दिलाया गया था कि निर्माण कार्य के दौरान हुई क्षति की भरपाई करते हुए प्रभावित मंदिर परिसर एवं संबंधित संरचनाओं का आवश्यक पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत कराई जाएगी। लेकिन आश्वासन के कई महीने गुजर जाने के बाद भी मौके पर अपेक्षित निर्माण अथवा जीर्णोद्धार कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

अब नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व के नजदीक आने के साथ यह मामला और संवेदनशील हो गया है। माँ बंजारी देवी मंदिर क्षेत्रीय जनता की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है, जहां नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर में क्षति के बाद अब तक सुधार कार्य नहीं होने से श्रद्धालुओं में निराशा स्वाभाविक रूप से बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब निर्माण एजेंसी ने लिखित रूप से क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का आश्वासन दिया था, तो उसके अनुपालन में अब तक ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए थी। पर्व के पहले यदि कार्य शुरू नहीं होता है तो श्रद्धालुओं को उसी क्षतिग्रस्त और उपेक्षित स्थिति में नवरात्रि मनानी पड़ सकती है।
माँ बंजारी देवी मंदिर के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था को देखते हुए अब लोगों की अपेक्षा है कि डीबीएल अपने लिखित आश्वासन का पालन करते हुए तत्काल जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू करे और नवरात्रि से पहले मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित एवं सुरक्षित स्थिति में लाने की दिशा में ठोस पहल करे।

लिखित आश्वासन के बाद भी काम का इंतजार
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यहां केवल निर्माण कार्य से जुड़ी क्षति का विषय नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय जनता की धार्मिक आस्था से जुड़ा मंदिर परिसर प्रभावित हुआ है। ऐसे में लिखित आश्वासन के बावजूद महीनों तक कार्य शुरू नहीं होना स्थानीय लोगों के लिए निराशा का विषय बना हुआ है। अब नवरात्रि की दस्तक के बीच श्रद्धालु निर्माण एजेंसी के आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
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