कार्यस्थल सुरक्षित तो नारी सशक्त : अकलतरा में महिलाओं के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर
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जांजगीर-चांपा/अकलतरा, 17 सितंबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा और एकीकृत बाल विकास परियोजना अकलतरा के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम 2013 को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर का आयोजन मिनीमाता मंगल भवन, अकलतरा में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा की अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती शिवानी सिंह ने की।

अपने संबोधन में श्रीमती शिवानी सिंह ने कहा कि “कार्यस्थल सुरक्षित है तो नारी सशक्त है।” उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइन के बाद बने इस कानून का उद्देश्य प्रत्येक कामकाजी महिला को सम्मान और गरिमा के साथ सुरक्षित वातावरण में कार्य करने का अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि किसी महिला को कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस होता है तो कानून उसके अधिकारों की रक्षा के लिए मौजूद है। चुप रहना समाधान नहीं, आवाज उठाना ही सशक्तिकरण है।
श्रीमती सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकारी अथवा निजी संस्थान में जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक परिवाद समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। पीड़ित महिला घटना के संबंध में निर्धारित अवधि के भीतर लिखित शिकायत कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अशोभनीय टिप्पणी, गलत इशारे, अनुचित शारीरिक संपर्क, अश्लील सामग्री दिखाना अथवा मानसिक रूप से परेशान करना भी यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है।
कार्यक्रम को परियोजना अधिकारी अकलतरा श्रीमती राजेश्वरी पाटले ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनहित से जुड़े विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पीएलवी गजानंद प्रसाद कश्यप ने उपस्थित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता, नालसा हेल्पलाइन नंबर, प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR), बाल विवाह, महिलाओं के कानूनी अधिकार एवं भरण-पोषण अधिनियम सहित विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी दी।
शिविर में पीएलवी डालेश्वर प्रसाद पटेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकगण तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में उचित कानूनी माध्यम अपनाने का संदेश दिया गया।
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