ग्राम बांका में मनाया गया भगवान बिरसा मुंडा जी का 126वां बलिदान दिवस
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जनजातीय बाहुल्य ग्राम बांका में मनाया गया भगवान बिरसा मुंडा जी का 126वां बलिदान दिवस
डीआरआई के प्रकल्पों एवं स्वावलंबन केन्द्रों सहित कई जगह हुए विविध कार्यक्रम
केवीके द्वारा सब्जी, हरी खाद किट का किया गया वितरण
चित्रकूट- मझगवां भगवान बिरसा मुंडा के 126 वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा ग्राम बांका सहित स्वावलंबन केन्द्रों एवं प्रकल्पों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्राम बांका में जय बिरसा मुंडा ग्रामीण विकास शोध समिति के सहयोग से आयोजित वृहद कार्यक्रम के शुभारंभ में बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अभय महाजन, सामाजिक कार्यकर्ता श्री चूड़ामणि सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री संजय सिंह, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमति सोना बाई एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सतना जिला संघचालक रामबेटा कुशवाहा, श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी महाकौशल प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की उपस्थिति के साथ ही ग्राम बांका के सरपंच बैजनाथ प्रजापति एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री शंकरदयाल त्रिपाठी की उपस्थिति रही।

बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में उद्यमिता विद्यापीठ द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार हेतु चलाए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए
साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां द्वारा खाद्य प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया एवं सब्जी, हरी खाद किट वितरण का कार्य किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री चूड़ामणि सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा जी को नमन करते हुए कहा कि विदेशी हुकूमत के खिलाफ उनका अदम्य साहस और जनजातीय समाज की संस्कृति की रक्षा के लिए उनका सर्वस्व त्याग हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि जननायक भगवान बिरसा मुंडा और भारत रत्न नानाजी देशमुख भारतीय इतिहास की दो ऐसी महान विभूतियां हैं, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता, सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास में अतुलनीय योगदान दिया है। एक ओर बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए समाज को संगठित किया और अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी। वहीं, दूसरी ओर भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख ने ग्रामीण उत्थान, शिक्षा और समग्र ग्राम विकास का बीड़ा उठाया, आज हम सबको महान विभूतियों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है साथ ही भूमि सुपोषण, प्राकृतिक कृषि पर क्षेत्र वासियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में उद्यमिता विद्यापीठ के प्रभारी मनोज सैनी एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं आस पास के ग्रामों से बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

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