June 9, 2026

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महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों में ऑन लाइन आवेदन आमंत्रित

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चित्रकूट- 09 जून 2026 महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट  में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए  स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पी जी डिप्लोमा,प्रमाणपत्र के रेगुलर पाठ्यक्रमों सहित पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद बंगलौर (नैक) द्वारा ए डबल प्लस ग्रेड से मान्यता प्राप्त तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली (यू जी सी) से प्रथम श्रेणी की स्वायत्तता प्राप्त ग्रामोदय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक एवं ग्रामीण विकासोन्मुख शिक्षा उपलब्ध करा रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अधिकाधिक संख्या में प्रवेश लेने का आह्वान करते हुए कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
“ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” के संकल्प को साकार करने वाला महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और संस्कारों से समृद्ध कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कृषि, ग्रामीण विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन, कला एवं मानविकी विज्ञान , इंजीनियरिंग स्ट्रीम्स के विविध पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

कुलसचिव प्रो आञ्जनेय पांडेय ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो ग्रामीण विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।

अध्यक्ष प्रवेश समिति प्रो एच एस कुशवाहा ने बताया कि
स्नातक स्तर पर बी.ए. , बीए बीएड, बी एड स्पेशल, बी.एसडब्ल्यू., बी एफ ए, बी पी ए, बी पी ई एस, बीलिब आई एस सी, बी जे एम सी, बी बी ए, बी कॉम, बी.एससी., बी सी ए, बी.टेक., इंट्रीग्रेटेड बी टेक -एम टेक, बी वॉक, बी एस सी (कृषि), बी ए बीएड, बी एस सी बीएड, बी कॉम बीएड बी.लिब.आई.एस-सी., बी एल एड, बी एड सहित अनेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपलब्ध है।

स्नातकोत्तर स्तर पर एम.ए., एम.एसडब्ल्यू., एम एफ ए, एम पी ए, एम.एससी., एम.कॉम., एम.बी.ए., एम.सी.ए., एम जे एम सी, एम.लिब.आई.एस-सी. एम वॉक, एम टेक, एम एस सी (कृषि), एम एड, एवं अन्य विषयों में अध्ययन की सुविधा प्रदान की जा रही है।

पी एच डी स्तर पर एग्रोनॉमी, बायो केमिस्ट्री, एग्रिकल्चर एक्सटेंशन, हॉर्टिकल्चर ( वेजिटेबल साइंस) स्वाइल साइंस, एनिमल हसबेंडरी एंड डेयरिंग (एल पी एम) व्यवसाय प्रबंधन , ग्रामीण प्रबंधन, हिंदी, म्यूजिक, साइकोलॉजी, सामाजिक कार्य, संस्कृत, भू-विज्ञान, रिमोट सेंसिंग एवं जी.आई.एस., गणित, भौतिकी, सांख्यिकी एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषयों में पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त कंप्यूटर अनुप्रयोग, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, एयरलाइन, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, ड्रोन तकनीक तथा अन्य कौशल आधारित डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

प्रो कुशवाहा के अनुसार ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि एमएससी कृषि और पीएचडी पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा 30 जुलाई 2026 को आयोजित होगी। अन्य पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय द्वारा सीधे प्रवेश और कतिपय पाठ्यक्रमों में सरकार द्वारा घोषित प्रवेश संस्थाओं के मापदंड/नियमों के अनुसार किए जायेंगे। विस्तृत जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट को देख सकते हैं।
इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय कैंपस स्थित रजत भवन के आईसीटी खंड में छात्र सहायता और प्रवेश पटल संचालित किया जा रहा है, जहां प्रवेश हेतु स्पॉट रजिस्ट्रेशन, प्रवेश हेतु काउंसिलिंग, शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन, अपेक्षित जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन की सुविधा है। अभ्यर्थी/अभिभावक गण इस पटल में आकर संकाय वार नामित प्रवेश समिति के विद्वान प्राध्यापकों से पृथक पृथक विषयों के वैशिष्ट्य और कैरियर में योगदान की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
जन संपर्क अधिकारी डॉ जय प्रकाश शुक्ल ने बताया कि प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के हेल्पडेस्क 07670-265394 अथवा ई-मेल helpdesk@gramodayachitrakoot.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।
पीआरओ डॉ शुक्ल ने उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि
विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, छात्रावास, खेल सुविधाएं, कंप्यूटर लैब तथा अनुसंधान एवं नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। ग्रामीण भारत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार दोनों के अवसर प्रदान करते हैं।

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