धरमजयगढ़ – नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 08 में दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी नलों से कीड़ेयुक्त पानी निकलने की खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, जिम्मेदारों की नींद खुली और तत्काल जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई। मुख्य नगरपालिका अधिकारी बी.एल. साहू ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि किसी भी हाल में नागरिकों को दूषित पानी न मिले और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मैदानी अमला अब पूरी ताकत के साथ काम में जुटा हुआ है। सड़कों की खुदाई कर पाइपलाइन की गहन जांच की जा रही है, वहीं नालियों की सफाई भी तेज़ी से की जा रही है। प्राथमिक जांच में पाइपलाइन लीकेज और गंदगी के मिश्रण को दूषित जल का कारण माना जा रहा है। वार्ड पार्षद जानू सिदार ने बताया कि सुबह से ही नगर पंचायत की टीम के साथ मिलकर समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है। हर संभावित बिंदु की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी गंभीर लापरवाही अब तक नजरअंदाज कैसे होती रही? क्या नियमित निगरानी का अभाव इस समस्या की जड़ है? फिलहाल, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी और नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।