एकेएस विश्वविद्यालय के रावे एवं एआईए कार्यक्रम के तहत देवीदायी घाट पर वृहद वृक्षारोपणआईसीएआर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता एवं सतत कृषि विकास का लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
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सतना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता (एआईए) कार्यक्रम के अंतर्गत एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के कृषि संकाय द्वारा नमः ग्रामीण विकास संस्था के सहयोग से माधवगढ़ स्थित देवीदायी मंदिर परिसर के देवीदायी घाट पर वृहद वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान आयोजित किया गया।

रावे एवं एआईए कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़ाकर ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि प्रसार गतिविधियों तथा समाज के साथ प्रत्यक्ष सहभागिता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण समुदाय को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, जल एवं मृदा संरक्षण, स्वच्छता, पौधों की नियमित देखभाल तथा हरित आवरण बढ़ाने के महत्व के प्रति जागरूक किया। साथ ही उन्होंने कृषि प्रसार की व्यवहारिक कार्यप्रणाली, ग्रामीण नेतृत्व, जनसंपर्क, सामुदायिक सहभागिता एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा यह जाना कि पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।

कार्यक्रम को कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. ए. के. भौमिक, प्रो-चांसलर इंजी. अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े तथा कृषि विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज वर्मा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल समन्वय में रावे एवं एआईए कार्यक्रम समन्वयक श्री अनुप शुक्ला, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग की डॉ. रफिया अमीन, श्री विपिन कुमार एवं श्री शिवराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अभियान में रावे एवं एआईए के स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं तनुष्का शर्मा, श्रुति जैन, तान्या सिंह, पूजा प्रजापति, काजल चतुर्वेदी, अंजलि सिंह एवं मानिका सिंह ने सक्रिय सहभागिता निभाई। नमः ग्रामीण विकास संस्था के अध्यक्ष अर्पित द्विवेदी ने कहा कि संस्था पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ग्रामीण विकास एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। यह आयोजन आईसीएआर के रावे एवं एआईए कार्यक्रम की उस अवधारणा को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करता है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रामीण समाज के बीच रहकर वैज्ञानिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत ग्रामीण विकास का व्यवहारिक अनुभव प्रदान किया जाता है।
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