PRP भ्रष्टाचार मामला: “आरोपी ही जांच अधिकारी”विकास विस्तार अधिकारी ने स्वीकार किया – “चयन मैंने और PRP ने मिलकर किया”, चोरी-छुपे लाए दस्तावेज, जांच पर उठे गंभीर सवाल, CEO आदेश का उड़ रही धज्जियां
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जांजगीर-चांपा/नवागढ़, 04 जुलाई 2026 – बिहान योजना के तहत ग्राम गोधना में PRP भारती ध्रुव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच खुद विवादास्पद बन गई है। जांच अधिकारी (विकास विस्तार अधिकारी)अशोक चावला ने फोन पर स्वीकार किया कि “कृषि सखी और पशु सखी का चयन मैंने और PRP भारती ध्रुव ने मिलकर किया था”। साथ ही जांच के दौरान PRP द्वारा संकुल संगठन के दस्तावेज बिना अनुमति चोरी-छुपे लाने का गंभीर आरोप लगा है।



पूरा मामला: ग्राम गोधना निवासी शिकायतकर्ता रचना कुर्रे ने कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराई थी कि PRP भारती ध्रुव ने:
1. अपनी बहन को फर्जी तरीके से कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नियुक्त किया और 10 महीने का ₹30,000 भुगतान कराया।
2. बिहान योजना के नियमों का उल्लंघन करते हुए एक ही परिवार और एक ही समूह से दो कैडर (कृषि सखी एवं पशु सखी) का चयन कराया।
इस शिकायत पर CEO नवागढ़ ने दिनांक 12 जून 2026 को आदेश क्रमांक 4993 जारी कर विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला और सहायक विकास विस्तार अधिकारी नम्रता राठौर को 7 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
21 दिन बाद हुई जांच, प्रक्रिया पर सवालिया निशान:
आदेश जारी होने के 21 दिन बाद 3 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत नवागढ़ में जांच की गई। शिकायतकर्ता रचना कुर्रे और आरोपी PRP भारती ध्रुव दोनों के लिखित बयान दर्ज किए गए।
जांच के दौरान तीन गंभीर तथ्य सामने आए:
1. विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला का कबूलनामा:
रचना कुर्रे के आरोप पर विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला ने पत्रकार को फोन पर स्पष्ट रूप से कहा -“कृषि सखी, पशु सखी का चयन मैंने ही और भारती ध्रुव ने किया है। मुझे जानकारी नहीं थी कि जिसे चुना है उनके समूह और परिवार से पूर्व में ही कैडरर्स नियुक्त किया जा चुका है। दोनों एक परिवार से हैं। यदि ऐसा है तो पद से हटाया जाएगा, रिकवरी की जाएगी।”
2. दस्तावेज चोरी का आरोप:
जांच अधिकारियों द्वारा PRP से अभिलेख मांगे गए। शिकायतकर्ता रचना कुर्रे ने आरोप लगाया कि PRP भारती ध्रुव ने संकुल संगठन के पदाधिकारियों को बिना सूचना दिए रिकॉर्ड चोरी-छुपे लाकर पेश किए। इस पर विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला ने PRP को टोका और कहा -“बिना अनुमति दस्तावेज लाना बिहान योजना के नियमों के विरुद्ध है, यह गलत है।”
3. मीडिया से चुप्पी और अधूरी जांच:
जांच अधिकारी अशोक चावला, नम्रता राठौर और आरोपी भारती ध्रुव ने मीडिया के सवालों पर “हम कोई जानकारी साझा नहीं करेंगे” कहकर चुप्पी साध ली।
शिकायतकर्ता रचना कुर्रे ने लिखित रूप से मांग की कि CLF पदाधिकारियों और जांच समिति की उपस्थिति में जांच हो। अधिकारियों ने कहा – “दूसरे दिन बुलाएंगे”।
शिकायतकर्ता का तीखा आरोप:
रचना कुर्रे ने कहा,”जिस विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला का हाथ नियम उल्लंघन में है, उसी को जांच अधिकारी बनाना न्याय का मजाक है।”
बिहान योजना गाइडलाइन के अनुसार:
• एक परिवार व एक समूह से केवल एक ही कैडर का चयन किया जा सकता है।
• संकुल संगठन के रिकॉर्ड केवल CLF पदाधिकारी की अनुमति से ही उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
अब क्या मांग है?
रचना कुर्रे ने CEO और कलेक्टर से निम्नलिखित मांग की है:
1. विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला, सहायक विकास विस्तार अधिकारी नम्रता राठौर को जांच से हटाकर जिला स्तरीय निष्पक्ष जांच टीम गठित की जाए।
2. PRP द्वारा लाए गए संदिग्ध दस्तावेज जब्त कर CLF पदाधिकारियों की मौजूदगी में नए सिरे से जांच हो।
3. PRP भारती ध्रुव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं रिकवरी की जाए।
महत्वपूर्ण बाइट्स:
रचना कुर्रे, शिकायतकर्ता:
“विकास विस्तार अधिकारी ने खुद चयन किया, अब वही जांच कर रहा है। PRP सबूत मिटाने के लिए चोरी से दस्तावेज लाई। ये जांच नहीं, लीपापोती है।”
विकास विस्तार अधिकारी अशोक चावला:
“चयन मैंने किया। जानकारी नहीं थी। बिना अनुमति दस्तावेज लाना गलत है। रिकवरी होगी।”
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