वैश्विक ज्ञान-साझेदारी की दिशा में एकेएस विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण कदम, शिनावात्रा विश्वविद्यालय (थाईलैंड) के साथ हुआ दूरदर्शी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग समझौता
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सतना। नैक एक्रेडिटेड एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान एवं नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए शिनावात्रा विश्वविद्यालय, थाईलैंड के साथ एक दूरदर्शी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञान-साझेदारी, वैश्विक शैक्षणिक संवाद तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहल का सफल समन्वयन प्रबंधन अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता डॉ. कौशिक मुखर्जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर एकेएस विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति इंजी. अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. जी. सी. मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं शिनावात्रा विश्वविद्यालय की ओर से विश्वविद्यालय के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ प्राध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की।
सहयोग समझौते के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालयों ने संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शिक्षक एवं विद्यार्थी आदान-प्रदान कार्यक्रमों, नवाचार एवं उद्यमिता संवर्धन, कौशल विकास, बहुविषयी अध्ययन तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित शिक्षण और प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आँकड़ा विज्ञान, डिजिटल नवाचार तथा उद्योग-शिक्षा समन्वय के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की व्यापक रूपरेखा निर्धारित की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान युग में विश्वविद्यालयों की वास्तविक पहचान उनकी वैश्विक सहभागिता, अनुसंधान क्षमता और ज्ञान के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान से निर्मित होती है। ऐसे सहयोग न केवल विद्यार्थियों और शिक्षकों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उन्हें विविध सांस्कृतिक और शैक्षणिक परिवेशों से भी परिचित कराते हैं, जिससे उनकी बौद्धिक एवं व्यावसायिक क्षमताओं का समग्र विकास संभव हो पाता है।
विंध्य अंचल में उच्च शिक्षा के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित एकेएस विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, कौशल विकास, औद्योगिक सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों के आधार पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें।
थाईलैंड के अग्रणी आधुनिक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिनावात्रा विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग एकेएस विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेगा। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर के अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा ज्ञान-विस्तार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
विश्वविद्यालय परिवार ने इस समझौते को संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल एकेएस विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता, नवाचार और ज्ञान-सृजन के नए आयाम प्रदान करेगी तथा विश्व समुदाय के साथ उसकी शैक्षणिक सहभागिता को और अधिक सशक्त बनाएगी
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