ए.के.एस. विश्वविद्यालय में द्वि-दिवसीय ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ
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सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय के कृषि संकाय द्वारा बी.एससी. (कृषि) सप्तम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए द्वि-दिवसीय ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता (एआईए) ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों, कार्यप्रणाली तथा कृषि क्षेत्र में इनके व्यावहारिक महत्व से अवगत कराना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.ए. चोपड़े रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. भौमिक ने की। इस अवसर पर प्रो. डॉ. हर्षवर्धन (प्रो-वीसी विकास), डॉ. जी.सी. मिश्रा (निदेशक, आईक्यूएसी) तथा डॉ. महेंद्र तिवारी (अधिष्ठाता, छात्र कल्याण) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम विद्यार्थियों को गांवों में रहकर किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने, कृषि उत्पादन प्रणाली का अध्ययन करने तथा कृषि विस्तार गतिविधियों में भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। वहीं कृषि औद्योगिक संलग्नता (एआईए) के अंतर्गत विद्यार्थियों को बीज उत्पादन इकाइयों, उर्वरक एवं कीटनाशक उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, डेयरी, कृषि यंत्र निर्माण संस्थानों तथा कृषि आधारित उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे कृषि क्षेत्र की औद्योगिक आवश्यकताओं और रोजगार के अवसरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को फसल उत्पादन तकनीक, मृदा परीक्षण, पौध संरक्षण, जैविक खेती, कृषि विपणन, कृषि उद्यमिता, जल प्रबंधन, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, कृषि विस्तार सेवाओं, ग्रामीण सर्वेक्षण, किसानों से संवाद कौशल तथा कृषि आधारित उद्योगों की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार कृषि विज्ञान को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाने में योगदान दिया जा सकता है।

कुलपति प्रो. बी.ए. चोपड़े ने कहा कि कृषि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को किसानों और कृषि उद्योगों से जोड़ना है। रावे एवं एआईए जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं, जिससे वे भविष्य में सफल कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ बन सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ए.के. भौमिक ने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान कौशल, टीम भावना और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को समझने की दृष्टि विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध करें।

कार्यक्रम में कृषि संकाय के समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनूप शुक्ला द्वारा किया गया। अंत में प्रो. आर.सी. त्रिपाठी ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का प्रथम दिवस ज्ञानवर्धक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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