भारतमाला के लिये अमृत सरोवर तालाब प्रभावित होने का मामला, सुशासन के बीच समाधान की उम्मीद, अब तक मिला है सिर्फ आश्वासन का झुनझुना !
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रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सिसरिंगा में अमृत सरोवर योजना से निर्मित तालाब के प्रभावित होने का मामला सामने आया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि भारतमाला सड़क निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी उपयोग के लिए किए गए उत्खनन से तालाब का मूल स्वरूप समाप्त हो गया।

मामले को लेकर ग्राम पंचायत सिसरिंगा के उप सरपंच द्वारा संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सड़क निर्माण कार्य में मिट्टी लेने के कारण अमृत सरोवर तालाब का अस्तित्व प्रभावित हुआ है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि कुछ महीने पहले निर्माण कार्य से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा वैकल्पिक तालाब निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि जिस स्थान पर तालाब स्थित था, वह सड़क निर्माण के लिए निर्धारित अधिकार क्षेत्र से अलग बताया जा रहा है। हालांकि कंपनी की ओर से पूर्व में जारी एक पक्ष में कहा गया था कि निर्धारित सीमा से बाहर कार्य करने से कंपनी को कोई लाभ नहीं होता।
वहीं जनपद पंचायत सीईओ ने फोन पर बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित स्तर पर पहले ही दी जा चुकी है।

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि अमृत सरोवर जैसी योजनाओं का उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाना है। ऐसे में यदि तालाब प्रभावित हुआ है, तो इसकी जांच कर उचित समाधान किया जाना चाहिए।

प्रदेश में इन दिनों सुशासन त्यौहार के माध्यम से जनसमस्याओं के निराकरण और योजनाओं की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में सिसरिंगा का यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई और समाधान सुनिश्चित करेंगे, ताकि जल संरक्षण से जुड़ी योजना का उद्देश्य प्रभावित न हो।
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