एकेएस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं को मिला पेटेंट।एआई तकनीक से कंक्रीट में दरार पहचानने वाला उपकरण विकसित।
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सतना। ए के एस विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रलव श्रीवास्तव समेत शोधकर्ताओं की एक टीम को “एआई बेस्ड कंक्रीट क्रैक विड्थ डिटेक्शन डिवाइस” के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट 23 अप्रैल 2026 को प्रदान किया गया। इसका पंजीकरण डिज़ाइन नंबर 491372-001, दिनांक 17 फरवरी 2026, क्लास 10-05 के अंतर्गत डिज़ाइंस एक्ट 2000 एवं डिज़ाइंस रूल्स 2001 के प्रावधानों के तहत किया गया है।

इस शोध परियोजना में डॉ. के. रामादेवी, नंदिका श्रीनिवास राव, डॉ. अंजन कुमार दत्ता, डी. कलैमाथी, डॉ. एस. सिवा गौरी प्रसाद, डॉ. च. मारुति देवी, एन. अबिलाश, इंजीनियर विवेक तिवारी तथा डॉ. शशि कुमार आदवप्पा सह-अन्वेषक के रूप में शामिल रहे।
विकसित किया गया यह एआई आधारित उपकरण कंक्रीट संरचनाओं में उत्पन्न दरारों की सटीक पहचान और उनकी चौड़ाई मापने में सक्षम है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक भवनों, पुलों और अन्य निर्माण संरचनाओं की सुरक्षा जांच, संरचनात्मक स्वास्थ्य निगरानी और रखरखाव प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।
डॉ. प्रलव श्रीवास्तव ने कहा कि यह उपलब्धि सिविल इंजीनियरिंग में आधुनिक तकनीकों और शोध आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से जुड़े सभी सह-शोधकर्ताओं के सहयोग और योगदान की सराहना की।
विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. जी.के. प्रधान तथा प्रो-चांसलर इंजी. अनंत कुमार सोनी ने शोध दल को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
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