कलेक्टर ने पुलिस कॉलोनी बरबसपुर घटना की निष्पक्ष जांच के दिए आदेश
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अपर जिला मजिस्ट्रेट होंगे जांच अधिकारी, करेंगे मामले की जांच

अनूपपुर, 12 फरवरी 2026।
मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत क्षेत्र वितरण केन्द्र अनूपपुर (ग्रामीण) अंतर्गत पुलिस कॉलोनी बरबसपुर में विद्युत मीटर विच्छेदन की कार्यवाही के दौरान उत्पन्न विवाद के संबंध में प्राप्त प्रतिवेदन पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पुलिस अधिनियम 1961 की धारा-4 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है।
कार्यपालन अभियंता द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार 7 फरवरी 2026 को लगभग 01:45 बजे आउटसोर्स कर्मचारी श्री गोपाल रजक एवं मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के प्रशिक्षु श्री ज्ञानेन्द्र मराबी, कनिष्ठ अभियंता अनूपपुर (ग्रामीण) के निर्देशानुसार उपभोक्ता श्री मोहन सिंह मरावी के घरेलू विद्युत कनेक्शन (सर्विस क्रमांक-1326018662) पर स्थापित स्मार्ट मीटर क्रमांक EZ 0728147 को स्थायी रूप से विच्छेदित करने हेतु पुलिस कॉलोनी बरबसपुर, ब्लॉक तमसा कॉलोनी बी-7 पहुंचे थे। मीटर बॉक्स खोलकर एमसीबी गिराने एवं मीटर निकालने की कार्यवाही के दौरान वहां निवासरत पुलिस आरक्षक श्री संदीप सिंह द्वारा कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
प्रतिवेदन में उल्लेखित है कि कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ता के आवेदन के आधार पर कार्यवाही किए जाने की जानकारी देने के उपरांत विवाद की स्थिति निर्मित हुई, जिसमें कथित रूप से बहस, गाली-गलौज एवं मारपीट की घटना हुई। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस अधीक्षक को घटना के संबंध में एकतरफा जानकारी दी गई, जिसके परिणामस्वरूप विद्युत कर्मचारियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की गई। विभाग द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि 9 फरवरी 2026 को की गई जांच के दौरान कॉलोनी के 10 ब्लॉकों के 120 क्वार्टरों में से 32 में बिना वैध विद्युत कनेक्शन के अवैध उपयोग पाया गया।
उक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु अपर जिला मजिस्ट्रेट, अनूपपुर को अधिकृत किया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया गया है कि वे संपूर्ण घटना, संबंधित पक्षों के बयान, पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही तथा विद्युत विभाग की रिपोर्ट का परीक्षण कर तीन दिवस के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यों पर आधारित होगी तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
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