ग्रामीणों के लिए उम्मीद की सड़क: गुलाब शुक्ला ने निजी खर्च से जोड़ा पटना–कौड़िहाई मार्ग
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आजादी के 79 साल बाद मिला आवागमन का अधिकार, हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में सड़क का हुआ लोकार्पण

सतना।जहां देश अंतरिक्ष मिशनों, एक्सप्रेसवे और विश्वस्तरीय हाईवे की उपलब्धियों की बात कर रहा है, वहीं मध्यप्रदेश के सतना जिले से सटे पटना और कौड़िहाई गांव आज़ादी के 79 वर्षों बाद भी एक बुनियादी सुविधा—सड़क—से वंचित थे। सोमवार का दिन इन दोनों गांवों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जब ग्रामीणों को पहली बार वाहन चलाने योग्य चौड़ी सड़क की सौगात मिली।
करीब दो किलोमीटर लंबी यह सड़क किसी सरकारी योजना या एनजीओ के माध्यम से नहीं, बल्कि समाजसेवी एवं उद्योगपति श्री गुलाब शुक्ला द्वारा अपनी निजी कमाई से बनवाई गई है। यह पहल मानवता, सामाजिक दायित्व और जनसरोकार की एक अनूठी मिसाल बनकर सामने आई है। यह सड़क भले ही मिट्टी-रेत से बनी हो, लेकिन इसके पीछे छिपा संकल्प, त्याग और संवेदनशीलता इसे हजारों दिलों को जोड़ने वाली सड़क बना देता है। यह सिर्फ दो गांवों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि अन्नदाता के आत्मसम्मान और भविष्य की उम्मीदों का रास्ता है।

एक सड़क नहीं, शासन व्यवस्था के लिए संदेश
यह निर्माण कार्य केवल पटना और कौड़िहाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दो जिलों की जनता, शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश देता है। वर्षों तक ग्रामीणों की समस्याएं अनसुनी रहीं, लेकिन एक व्यक्ति ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई और असंभव को संभव कर दिखाया।
‘मेक इन इंडिया’ और ‘ग्रो इन इंडिया’ जैसे नारे यदि ज़मीन पर उतरें, तो किस तरह बदलाव संभव है—यह गुलाब शुक्ला के इस प्रयास से साफ दिखाई देता है।

बरसात में खेत जाना बन जाता था जोखिम
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में खेतों तक पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं था। घुटनों तक पानी, सांप-बिच्छू का डर और फिसलन के कारण हर कदम पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं मिला। इन हालातों को देखकर गुलाब शुक्ला का हृदय द्रवित हुआ और उन्होंने पटना–कौड़िहाई सड़क निर्माण का संकल्प लिया। शुरुआत में संदेह और विरोध भी हुआ, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसहयोग से यह सपना साकार हो गया।

हजारों ग्रामीण बने गवाह
सड़क का लोकार्पण पटना गांव के देवी जी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर दोनों गांवों के हजारों ग्रामीण, वरिष्ठजन एवं पत्रकार मौजूद रहे। श्री गुलाब शुक्ला ने फीता काटकर सड़क का विधिवत लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों एवं पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में इस निःस्वार्थ प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के पश्चात स्वल्पाहार के साथ सभी अपने-अपने गंतव्य को रवाना हुए।
पूरे गांव की सामूहिक जीत
पटना–कौड़िहाई सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि ग्रामीण एकजुटता, जनसहयोग और सकारात्मक सोच की पहचान बन चुकी है। यह साबित करती है कि जब नीयत समाजहित की हो, तो बदलाव मुमकिन है। अब यह सड़क खेतों तक पहुंच का रास्ता ही नहीं, बल्कि सम्मान, उम्मीद और विकास का प्रतीक बन गई है।

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