जशपुर में कानून बेबस! पत्रकार का अपहरण-हमला, लूट के बाद अब झूठे SC/ST केस में फंसाने की साजिश
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जशपुर में लोकतंत्र पर सीधा हमला
पत्रकार का अपहरण, जानलेवा हमला, लूटपाट… अब झूठे मामलों में फंसाने की साजिश का भी खुलासा
जशपुर।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हालात इस कदर बिगड़ते जा रहे हैं कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं बचा है। पत्थलगांव में एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बुलंद हो चुके हैं।
बेखौफ बदमाशों ने पत्रकार का फिल्मी अंदाज़ में पीछा किया, जबरन अपहरण कर सुनसान इलाके में ले जाकर बेरहमी से मारपीट, जान से मारने की कोशिश और लूटपाट की। अब इस मामले में एक और खतरनाक साजिश सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?
थाने में दर्ज लिखित शिकायत और प्राप्त जानकारी के अनुसार,
वरिष्ठ पत्रकार अजीत गुप्ता (निवासी – पुरानी बस्ती, पत्थलगांव) के साथ यह सनसनीखेज घटना 18 जनवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे हुई।
पत्रकार अपनी स्कूटी से पाकरगांव जा रहे थे। इसी दौरान पालीडीह चौक के पास स्कूटी का पेट्रोल खत्म हो गया। वे अपने मित्र प्रेम सिंह राजपूत के साथ पेट्रोल लेकर वापस लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन (CG 14 NX 2987) ने कार वॉश के पास उन्हें कुचलने की कोशिश की।
फिल्मी स्टाइल में पीछा और जबरन अपहरण
जब पत्रकार ने गाड़ी रोकने की कोशिश की, तो आरोपी उन्हें घरजियाबथान तक दौड़ाते रहे।
कारण पूछने पर पिकअप से उतरे दो लोगों ने पत्रकार को जबरन गाड़ी में ठूंस लिया और उन्हें तमता ले जाया गया।
तमता में पहले से खड़ी काले रंग की स्कॉर्पियो से
👉 अंकित त्रिपाठी
👉 सूरज त्रिपाठी
👉 भारत भूषण त्रिपाठी
और उनके साथ तीन अन्य लोग बाहर निकले।
बेरहमी से मारपीट और लूटपाट
आरोपियों ने पत्रकार अजीत गुप्ता को
- लात-घूंसे मारे
- भद्दी-भद्दी गालियां दीं
- जान से मारने की धमकी दी
इस दौरान आरोपियों ने:
- 📱 मोबाइल फोन
- 👓 चश्मा
- 💰 जेब में रखे ₹4,640 नकद
लूट लिए।
“ये पत्रकार है, मत मारो…” — बची जान
मारपीट के दौरान जब पत्रकार का मित्र बीच-बचाव करने पहुंचा, तभी भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा—
“ये पत्रकार है, इसे मत मारो, नहीं तो हम सब फंस जाएंगे।”
यह सुनते ही आरोपी घबरा गए। उन्होंने मोबाइल और चश्मा तो वापस कर दिया, लेकिन नकदी नहीं लौटाई और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
थाने में शिकायत, अब नई साजिश का खुलासा
घटना के बाद पत्रकार अजीत गुप्ता ने पत्थलगांव थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें
अंकित त्रिपाठी, सूरज त्रिपाठी और भारत भूषण त्रिपाठी को नामजद आरोपी बनाया गया है।
इसी आवेदन के बाद अब सूत्रों के हवाले से बेहद गंभीर जानकारी सामने आई है।
झूठे SC/ST और महिला प्रकरण में फंसाने की आशंका
सूत्रों के अनुसार, आरोपी पक्ष द्वारा पत्रकार को डराने और दबाव बनाने के लिए
उन्हें SC/ST एक्ट या महिला से जुड़े झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है,
ताकि वे मजबूर होकर अपना आवेदन वापस ले लें।
सबसे गंभीर बात यह है कि—
👉 इस साजिश से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग पत्रकार के पास सुरक्षित है
👉 उचित समय और कानूनी सलाह के बाद इसका खुलासा किया जाएगा
एक नहीं, कई स्तर का संगठित अपराध
यह मामला अब केवल—
- अवैध गोरखधंधे तक सीमित नहीं
- पत्रकार के अपहरण और मारपीट तक भी नहीं
बल्कि इसमें साफ तौर पर—
1️⃣ अवैध गतिविधियों का संचालन
2️⃣ आवाज उठाने पर पत्रकार का अपहरण व हमला
3️⃣ भविष्य में झूठे गंभीर मामलों में फंसाने की साजिश
जैसे संगठित अपराध के संकेत मिल रहे हैं।
पुलिस प्रशासन पर बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि—
- क्या पुलिस सिर्फ आवेदन लेकर चुप बैठ जाएगी?
- या फिर नामजद आरोपियों पर सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई होगी?
- क्या झूठे मामलों की साजिश को समय रहते रोका जाएगा?
जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं,
तो आम नागरिक की सुरक्षा पर सवाल उठना लाज़मी है।
निष्कर्ष
यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है,
यह सच बोलने की आज़ादी, पत्रकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
अब सबकी निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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