उरैहा गांव में महिला कमांडो फोर्स की सख्ती: असामाजिक तत्वों पर शिकंजा, कच्ची शराब-जुआ अब नहीं चलेगा
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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत उरैहा ग्राम पंचायत (चण्डीपारा) में महिला कमांडो फोर्स ने गांव की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरू कर दी है। रोजाना शाम के समय यह महिला कमांडो फोर्स गांव की सभी गलियों में भ्रमण करती है, ताकि कच्ची शराब की बिक्री, जुआ, सट्टा और गाली-गलौज जैसी असामाजिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हो सकें।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 04 जनवरी 2026 को जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा महिला कमांडो फोर्स का गठन किया गया था। गठन के बाद से ही इस फोर्स ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कमर कसकर कार्रवाई शुरू कर दी है। महिलाओं की इस टीम की सक्रियता से गांव में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है और स्थानीय लोग इसे सराह रहे हैं।
पामगढ़ थाना प्रभारी श्री सावन सारथी ने 14 जनवरी 2026 को उदघोष समय न्यूज जिला ब्यूरो चीफ जांजगीर, नरेश भार्गव से बातचीत में साफ कहा कि गांव में कच्ची शराब बेचने वाले और अन्य असामाजिक कार्यों में लिप्त लोगों के खिलाफ अब कोई ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सीधे जिला जेल खोखरा भेजा जाएगा।
यह पहल न केवल उरैहा गांव को नशामुक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा दे रही है। प्रशासन की इस सकारात्मक पहल से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
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