राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने ग्राम बांका में किया भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण
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राज्यपाल मंगू भाई पटेल और केन्द्रीय जनजातीय मंत्री दुर्गा दास उईके ने ग्राम बांका में किया भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण
जनजातीय गौरव एवं श्रीअन्न-पोषक अनाज व कृषि की संकटग्रस्त प्रजातियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
शौर्य क्रांतिकारी ऊर्जा से ओतप्रोत 7 फीट ऊंची प्रतिमा यथार्थ वादी भावों को करती है प्रदर्शित
बिरसा मुंडा जी के जीवन से जुड़े विभिन्न छुए-अनछुए पहलुओं का ग्राम बांका में देखने को मिला प्रदर्शन
कार्यक्रम उपरांत सहभोज का आयोजन, हजारों की तादात में वनवासी बंधुओं एवं दूर-दराज से आए लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण

चित्रकूट- मझगवां 18 नबम्बर 2025/ दीनदयाल शोध संस्थान एवं जय बिरसा मुंडा ग्रामीण विकास शोध समिति बांका द्वारा भगवान बिरसा मुंडा जी की 150 वीं जयंती वर्ष पर मझगवां जनपद के जनजातीय बाहुल्य ग्राम बांका में कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी मंगलवार को मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल एवं भारत सरकार के जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके, दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष डाॅ पूर्णेन्दु सक्सेना द्वारा बिरसा मुंडा जी की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल, केन्द्रीय जनजातीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सन्त मदनदास जी बीजाडांडी मंडला, दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ पुर्णेन्दु सक्सेना, उपाध्यक्ष श्री उत्तम बनर्जी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, विधायक रामपुर बघेलान श्री विक्रम सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत सतना श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह, अध्यक्ष जनपद पंचायत मझगवां श्रीमती रेणुका जायसवाल, अध्यक्ष बिरसा मुण्डा ग्रामीण विकास शोध समिति बांका श्रीमती सोना बाई, सरपंच बांका श्री बैजनाथ प्रजापति, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती गोलकी मवासी, श्री चूड़ामणि सिंह, श्री रामबेटा कुशवाह प्रमुख रूप से मंचस्थ रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महामहिम राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल और केन्द्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उईके का उपस्थित जनसमूह द्वारा किये गए आत्मीय स्वागत से हुआ। उसके बाद अतिथिगण प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और डोरी खींच कर बिरसा मुंडा जी की आकर्षक प्रतिमा का अनावरण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कृष्णा देवी विद्यालय की वनवासी बालिकाओं द्वारा जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मंचन से किया गया। छात्राओं ने भी अपने पारंपरिक वेश में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। सभा स्थल के प्रमुख मंच के दाहिने तरफ संत समाज के लिए अलग से मंच बनाया गया, जहाँ चित्रकूट के सभी प्रमुख अखाड़े और मंदिरों से महंत गण और संत समाज विराजमान रहा और वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ही अंतर्गत 5 विद्यालयों के बच्चों द्वारा मनमोहक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अपने मुख्य आतिथ्य उद्बोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा देशभक्ति की भावना के प्रखर पुंज थे। उन्होंने मात्र 25 वर्ष की अवस्था में जनजातीय समाज के उत्थान और और कल्याण के कार्यों से महापुरुष बनकर अमर हो गए। राज्यपाल ने कहा कि जनजाति समाज के लिए हमारे बुजुर्गों ने जो समाज सुधार के कार्य किए हैं उनसे प्रेरणा लेकर हम समाज को कैसे ऊंचाइयों पर ले जाएं इसका प्रयास करना चाहिए। राज्यपाल ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जनजाति कल्याण की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जनधन योजना के तहत केंद्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इनमें 9 विभागों को जोड़कर जनजाति कल्याण और विकास के कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत पूरे देश में 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजाति क्षेत्रों में आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से भी जनजाति समुदाय के कल्याण के कार्य किये जा रहे हैं।
केंद्रीय जनजाति राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उईके ने कहा कि पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। बिरसा मुंडा भारत के लिए स्वाभिमान गौरव सांस्कृतिक एकता और स्वतंत्रता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज का चित्रण सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद मैं भी किया गया है। अरण्य संस्कृति में भी चेतना परिष्कृत थी। भगवान राम के 14 वर्षीय वनवास काल में वनों और प्रांतर में रहने वाले जनजाति बंधुओं ने मदद की और धर्म की स्थापना में अपना योगदान दिया।

नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि धर्म बदलने से नहीं शिक्षा ग्रहण करने से जीवन और समाज बदलता है। उन्होंने कहा कि जनजाति मंत्रालय द्वारा स्थापित एकलव्य आवासीय विद्यालय गुरु और शिष्य की आदर्श परंपरा का अनुसरण कर रहे हैं जिनमें जनजातीय वर्ग के छात्र आवासीय शिक्षा ग्रहण कर अपने जीवन के उच्चतम शिखर पर पहुंच सकते हैं। राज्य और केंद्र सरकार की जनजातीय कल्याण की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।
विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार ने कहा कि जो व्यक्ति देश और समाज के लिए समर्पित भाव से जीता है, उसी को भगवान का दर्जा दिया जाता है। इस दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ पुर्णेन्दु सक्सेना द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। मंडला से पधारे सन्त मदनदास महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हमारे देश में सनातन धर्म शाश्वत रहे, हम परम वैभव को प्राप्त करें इसके लिए सबको प्राणपण से जुटना होगा।

कार्यक्रम के अंत में दीनदयाल शोध संस्थान के उपाध्यक्ष श्री उत्तम बनर्जी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि चित्रकूट-मझगवां जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। नाना जी ने इन्हीं सब लोगों को साथ लेकर उनकी पहल पुरुषार्थ से ही सेवा का प्रकल्प खड़ा किया है। यह कार्यक्रम सामूहिक प्रयत्न का परिणाम है सभी इसमें सहभागी बने हैं।
दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव श्री अभय महाजन ने कहा कि बिरसा मुंडा जी के जीवन पर साहित्य, कैलेंडर, ब्रोसर 25 हजार की संख्या में पूरे क्षेत्र के प्रत्येक घरों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। संपूर्ण कार्यक्रम जन सहयोग से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के निमित्त मध्यप्रदेश की 96 एवं उत्तर प्रदेश की वनवासी क्षेत्र के 46 कुल 142 पंचायतों में सम्पर्क किया गया, जिसमें 406 राजस्व ग्राम सम्मलित थे। इसके अन्तर्गत 15126 परिवारों में सम्पर्क हुआ। इस बीच 64 विद्यालयों में सम्पर्क हुआ, जिसमें 880 शिक्षक एवं 12549 बच्चों को धरती आबा के जीवन परिचय से अवगत कराते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर संत समाज से महंत सीता शरण जी महाराज जानकी महल, महंत दिव्यजीवन दास जी भरत मंदिर, महंत राघव दास जी सुतीक्षण आश्रम, महंत दिनेश दास जी पंजाबी भगवान आश्रम, महंत पवन बाबा सती अनसुईया आश्रम, महंत विनोद गोस्वामी गैवीनाथ मंदिर, महंत संतोष दास भगवान मुरली मनोहर ट्रस्ट बिरसिंहपुर, महंत जगतनन्द सरस्वती दरभंगा आश्रम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर कमिश्नर रीवा संभाग श्री बी एस जामोद, आई जी रीवा गौरव राजपूत, कलेक्टर सतना डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डी एफ ओ मयंक चांदी बाल सहित बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारा प्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की तादात में आए जनजातीय बंधुओं एवं दूर-दराज से आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
आधुनिक फाइबर ग्लास मटेरियल से बनी प्रतिमा को दिया गया शौर्य क्रांतिकारी ऊर्जा से ओतप्रोत बेहद आकर्षक रुप
बिरसा मुंडा जी के जीवन से जुड़े विभिन्न छुए-अनछुए पहलुओं का ग्राम बांका में देखने को मिला प्रदर्शन।
जनजातीय गौरव वर्ष के अंतर्गत भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को समर्पित रहा कार्यक्रम
50 हजार स्क्वायर फीट में बनाया गया सभा मंडप, कार्यक्रम में जनजातीय समाज का दिखा प्रतिनिधित्व।
परिसर में जनजातीय गौरव एवं पोषक अनाजों पर लगाई गई आकर्षक प्रदर्शनी।
प्रवेश स्थल पर आगंतुकों का पेठा से मुंह मीठा करके तिलक एवं गमछा पहनाकर स्वागत के साथ दिया गया प्रवेश।
मुख्य मंच के बाएं तरफ बना था संत समाज का मंच और दाएं तरफ था सांस्कृतिक मंच, जहां से जनजातीय विरासत एवं परंपरा को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की हुई प्रस्तुति।
कार्यक्रम के उपरांत हुआ सहभोज का आयोजन, हजारों की तादात में आए वनवासी बंधुओं एवं दूर-दराज से आए लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण।

राज्यपाल एवं केन्द्रीय मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने प्रतिमा स्थल परिसर में हरिशंकरी वाटिका और अन्य वृक्षों का किया गया रोपण

इस दौरान ग्राम बांका में प्रतिमा स्थल परिसर में राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल एवं केन्द्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके द्वारा पीपल, बरगद, पाकर तीनों वृक्षों का रोपण कर हरिशंकरी वाटिका की स्थापना की गई वहीं दूसरी ओर अन्य अतिथियों ने गूलर, नीम के वृक्षों का रोपड़ किया।
जनजातीय गौरव एवं श्रीअन्न-पोषक अनाज व कृषि की संकटग्रस्त प्रजातियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

ग्राम बांका में स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति नायकों का योगदान एवं जनजातीय गौरव की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें जनजाति समूह के सभी प्रमुख नायकों का जीवन वृत्त प्रदर्शित किया गया, साथ ही भगवान बिरसा मुंडा जी के जीवन चरित्र पर एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां एवं गनीवां द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों के प्रदर्शन के साथ श्री अन्न के मूल्यवर्धित व जैविक कीटनाशकों का प्रदर्शन, मशरूम के मूल्य संवर्धित उत्पाद एवं जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट तथा उद्यमिता विद्यापीठ द्वारा आत्मनिर्भर तथा स्वावलम्बी बनाने हेतु संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी के साथ साथ प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बनाये गए उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। कृषक उत्पादक संगठन के द्वारा तैयार उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग आरोग्यधाम, रसशाला द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई गई।
7 फीट ऊंची प्रतिमा की मौलिकता यथार्थ वादी भावों को करती है प्रदर्शित

भगवान बिरसा मुंडा की 7 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा माँ भारती पुनीत विचारों एवं शौर्य क्रांतिकारी ऊर्जा से ओतप्रोत जनजातीय भारतीय समरसता के प्रतीक के रूप में तैयार की गई है, जो भाई चारे की भावना प्रदान करेगी। यह प्रतिमा आधुनिक फाइबर ग्लास मटेरियल से बनी हैं। यह प्रतिमा अभय महाजन संगठन सचिव दीनदयाल शोध संस्थान के कुशल मार्गदर्शन में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के प्राध्यापक डॉ राकेश कुमार मौर्य एवं शिष्यवत सानिध्य मास्टर आफ फाइन आर्ट्स के छात्र पुष्पेंद्र राजपूत व सुरेश कुशवाह द्वारा निर्मित की गई। प्रतिमा की मौलिकता यथार्थ वादी भावों को प्रदर्शित करती है।

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