लम्पी वायरस अलर्ट! मध्यप्रदेश के कई जिलों में खतरे की घंटी — पशुपालन विभाग सतर्क, टीकाकरण तेज
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मध्यप्रदेश में एक बार फिर लम्पी स्किन डिज़ीज़ ने दस्तक दे दी है। झाबुआ, रतलाम, बैतूल, बड़वानी, सिवनी, सागर और राजधानी भोपाल में पशुओं में इस वायरस के मामले सामने आए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और आपात एडवाइजरी जारी की गई है।
संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पी.एस. पटेल ने बताया कि लम्पी वायरस तेजी से फैलने वाला रोग है, जो गोवंशीय पशुओं में गंभीर प्रभाव डालता है। इससे बचाव के लिए फ्री टीकाकरण अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है और पशुपालकों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।
🚨 क्या करें पशुपालक? तत्काल निर्देश
✔️ पशुओं का टीकाकरण कराएं — बिल्कुल मुफ्त
✔️ बीमार पशु को अलग रखें, दूसरे जानवरों से दूरी
✔️ लक्षण दिखते ही निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क करें
✔️ गोशाला की साफ-सफाई करें
✔️ मक्खी, मच्छर, किल्ली जैसे परजीवियों को नियंत्रित करें
डॉ. पटेल ने साफ कहा —
“हर पशुपालक अपने पशुओं को प्रतिबंधात्मक टीका अवश्य लगवाएं। इलाज और टीकाकरण में देरी न करें।”
💉 अब तक हुआ कितना टीकाकरण?
📌 अप्रैल 2025 से अब तक 41.50 लाख पशुओं का टीकाकरण
📌 मुफ्त टीकाकरण अभियान जारी
📌 विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर जागरूकता कर रही है
🦠 लम्पी वायरस क्या है और कितना खतरनाक?
- एक संक्रामक वायरस जनित रोग
- मुख्यतः गाय-भैंस में फैलता है, खासकर बरसात में
- शुरू में 2–3 दिन हल्का बुखार, फिर शरीर पर गांठें
- दूध में भारी कमी, गर्भपात, पैर सूजन और सांस की दिक्कत
- कभी-कभी पशुओं की मृत्यु भी संभव
💡 अधिकतर पशु 2–3 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, लेकिन दूध उत्पादन प्रभावित रहता है।
☎️ राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय
📞 कंट्रोल रूम — 0755-2767583
कोई भी पशुपालक तुरंत कॉल कर सलाह ले सकता है।
📢 आख़िरी चेतावनी
इस बीमारी को हल्के में न लें!
समय पर टीका लगवाएं, साफ़-सफ़ाई रखें, बीमार पशु को अलग रखें।
सरकार और विभाग मुस्तैद है — अब जिम्मेदारी पशुपालकों की भी है।
पशुओं की सेहत ही किसान की संपत्ति है — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। 🐄💉
उद्घोष समय न्यूज
जिला ब्यूरो सिवनी
प्रभात ठाकुर
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