धरमजयगढ़ में अकीदत के साथ मनाई गई ईद मिलादुन्नबी, अमन और भाईचारे का पैगाम
जुलूसे मोहम्मदी में गूँजे नारे-ए-तकबीर, जगह-जगह हुआ स्वागत

धरमजयगढ़।
हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश के दिन ईद मिलादुन्नबी पर शुक्रवार को जामा मस्जिद धरमजयगढ़ से जुलूसे मोहम्मदी बड़े अकीदत और मोहब्बत के साथ निकाला गया। दोपहर 3 बजे शुरू हुआ यह जुलूस बस स्टैंड, हॉस्पिटल चौक, नीचे पारा, पिपरमार चौक व गांधी चौक होते हुए पुनः मस्जिद पहुँचा।
रंग-बिरंगे परिधानों में छोटे बच्चे और साफा बाँधे नौजवान नारे-ए-तकबीर बुलंद कर रहे थे, वहीं आलिम हजरात नात शरीफ पेश कर रहे थे। रास्तेभर लोगों ने जुलूस का स्वागत करते हुए लंगर, शीरनी और मिठाइयाँ बाँटीं।

इस मौके पर जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद ताहिर साहब ने कहा—
“इस्लाम अमन, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है। गरीबों की मदद करना, भूखों को खाना खिलाना और मां-बाप की खिदमत करना हर मोमिन का फर्ज है।”
उन्होंने शिक्षा और नेक राह पर चलने की नसीहत दी।

जुलूस के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। थाना प्रभारी टी.आई. सीताराम ध्रुव ने खुद मोर्चा संभाला और शांति व्यवस्था बनाए रखी। मुस्लिम समाज ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया।
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