दुर्घटना या कुछ और …? निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पत्रकारों ने दिया ज्ञापन
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पत्रकार शेख आलम की कथित सड़क हादसे में मौत का मामला
धरमजयगढ़ – पत्रकार शेख आलम की सड़क हादसे में हुई असामयिक मौत की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने के लिए 17 सितंबर को धरमजयगढ़ के पत्रकारों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक जांच की मांग की। पत्रकारों ने घटना से जुड़े सभी उपलब्ध भौतिक, चिकित्सकीय और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने लाने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच के तहत सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि शेख आलम घटना के समय किस दिशा से आ रहे थे और दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई। घटनास्थल पर मोटरसाइकिल की अंतिम स्थिति, सड़क से उसकी दूरी, आसपास मौजूद गड्ढे अथवा ढलान तथा वाहन के वहां तक पहुंचने के संभावित क्रम का वैज्ञानिक परीक्षण घटना की कड़ी को समझने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
घटनास्थल पर सड़क पर मौजूद टायर, ब्रेक अथवा घर्षण के निशान, मोटरसाइकिल से टूटे हिस्से, आसपास बिखरे सामान और अन्य भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण भी जांच में अहम भूमिका निभा सकता है। दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल की तकनीकी जांच से वाहन को हुई क्षति और दुर्घटना के संभावित घटनाक्रम के बीच सामंजस्य की पड़ताल की जा सकती है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों से प्राप्त जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण आधार हो सकती है। दुर्घटना को सबसे पहले किसने देखा, पुलिस को सूचना किस समय दी गई, आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए कब संपर्क किया गया और मौके पर पुलिस अथवा चिकित्सा सहायता पहुंचने में कितना समय लगा , इन सभी तथ्यों की स्पष्ट समय-रेखा तैयार किए जाने से घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।
इसी तरह शेख आलम के जूते, मोबाइल फोन, और अन्य निजी सामान घटनास्थल पर कहां और किस स्थिति में मिले, इसका भी सत्यापन किया जाना आवश्यक हो सकता है। इन वस्तुओं की स्थिति और स्थान का घटनास्थल पर मौजूद अन्य भौतिक साक्ष्यों से मिलान कर दुर्घटना के क्रम को और स्पष्ट किया जा सकता है।
चिकित्सकीय अभिलेख और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच का महत्वपूर्ण आधार हो सकते हैं। शरीर पर आई चोटों की प्रकृति और गंभीरता का घटनास्थल की स्थिति, मोटरसाइकिल को हुई क्षति तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से मिलान किए जाने पर दुर्घटना के संभावित क्रम को समझने में सहायता मिल सकती है।
घटनास्थल के आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल वीडियो अथवा अन्य वैधानिक डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हों तो उन्हें तत्काल सुरक्षित कर उनकी जांच की जानी चाहिए। इससे घटना से पहले और बाद की गतिविधियों तथा मौके पर मौजूद लोगों की स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल का पुनः निरीक्षण कर सड़क की बनावट, मोड़, ढलान, गड्ढे, प्रकाश व्यवस्था और मोटरसाइकिल की अंतिम स्थिति का विशेषज्ञों की सहायता से परीक्षण कराया जा सकता है। इसके बाद घटनास्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्य, वाहन की तकनीकी स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, चिकित्सकीय अभिलेख और डिजिटल साक्ष्यों का आपस में मिलान कर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया जा सकता है।
पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से जांच के दौरान प्रत्येक संभावित पहलू को साक्ष्यों के आधार पर परखे जाने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट रूप से सामने आ सकें। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई गई है।
पत्रकार शेख आलम की असामयिक मौत से पत्रकारिता जगत में गहरा शोक है। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच न केवल घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे परिजनों और पत्रकार साथियों के बीच घटना को लेकर बनी जिज्ञासाओं का भी तथ्यात्मक समाधान हो सकेगा।
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