प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार! कोसा मर्डर केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसे वैज्ञानिक तरीकों से खुला राज!
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जांजगीर-चांपा, 9 सितंबर 2026। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में युवक अमित भंडारी की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या की वजह प्रेम प्रसंग सामने आई है। करीब दो माह से पुलिस के लिए पहेली बने इस हत्याकांड को सुलझाने में सीडीआर, आईपीडीआर, टावर डंप, जीपीएस, सीसीटीवी फुटेज, पॉलीग्राफ, नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की अहम भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार 27 जून 2026 की रात अमित भंडारी अपने घर से निकला था। इसके बाद 29 जून की सुबह उसका शव गांव के अमहदा तालाब के पास एक सुनसान बाड़ी में बरामद हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान द्वारा एसआईटी गठित कर जांच तेज कराई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल रिकॉर्ड, संदिग्धों की लोकेशन, घटना के समय की गतिविधियों और 200 से अधिक टावर डंप, सीडीआर, आईपीडीआर एवं सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके साथ ही घटनास्थल का री-क्रिएशन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुनर्विश्लेषण भी किया गया। बिलासपुर से आए प्रशिक्षित डॉग विमला की सहायता से भी महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद, फिर कर दी हत्यापुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अमित भंडारी का गांव की ही युवती संतोषी सिंह से विवाह से पहले से प्रेम प्रसंग था। विवाह के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। घटना वाली रात दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई थी।
पुलिस के मुताबिक रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी सिंह से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। उसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई।
इसी दौरान आरोपी बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
लाश छिपाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश: हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अमित के शव को बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। इसके बाद दोनों ने अमित को ढूंढने का नाटक भी किया और उसके परिजनों के साथ मुलमुला थाना पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की।
जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों के बयानों में विरोधाभास सामने आए। वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की घटना स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटा फावड़ा/रापा और शव को दूसरी जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद की है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार: मामले में पुलिस ने बजरंग सिंह क्षत्रिय, संतोषी सिंह क्षत्रिय और पप्पू सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड में लेकर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
उदघोष समय न्यूज़ के लिए यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए लंबे समय से उलझे हत्याकांड की कड़ियां जोड़कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
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