राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में इंडक्शन कार्यक्रम आयोजितनवप्रवेशी विद्यार्थियों को लक्ष्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा
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सतना, 24 अगस्त 2026। एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मेसी शिक्षा, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न फार्मेसी स्ट्रीम्स तथा भविष्य की करियर संभावनाओं से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोटिवेशनल स्पीकर के. के. पयाशी रहे।
के. के. पयाशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, सकारात्मक सोच और अनुशासन के साथ निरंतर प्रयास करें, सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन का सदुपयोग करते हुए ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. सूर्य प्रकाश गुप्ता ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा ज्ञान, कौशल, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में उज्ज्वल करियर के व्यापक अवसर प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में बदलती तकनीकों और अनुसंधान की भूमिका से अवगत कराया।
प्रोफेसर बी. ए. चौपड़े ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को विषय की गहन समझ, प्रयोगात्मक ज्ञान और निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने फार्मेसी के व्यावहारिक पक्ष को समझने और अपने कौशल को निरंतर निखारने पर जोर दिया।

फार्मेसी की विभिन्न स्ट्रीम्स की दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फार्मेसी की विभिन्न प्रमुख स्ट्रीम्स एवं कार्यक्षेत्रों की जानकारी दी गई। इनमें फार्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, फार्माकोग्नोसी, फार्मास्यूटिकल एनालिसिस, क्लिनिकल फार्मेसी, फार्मेसी प्रैक्टिस, फार्मास्युटिकल टेक्नोलॉजी तथा फार्मास्यूटिकल साइंसेज एवं रिसर्च प्रमुख हैं। विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में औषधि निर्माण एवं विकास, अस्पताल एवं क्लिनिकल सेवाएं, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुसंधान, शिक्षण, ड्रग रेगुलेटरी क्षेत्र तथा फार्मास्युटिकल उद्योग में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराया गया।
शैक्षणिक एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण पर जोर

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, प्रयोगशाला कार्य, फार्मेसी शिक्षा की उपयोगिता तथा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं उच्च शिक्षा की संभावनाओं की जानकारी दी गई। अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं संचालक डॉ. मधु गुप्ता रहीं। उन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं फार्मेसी शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. आर. एस. त्रिपाठी, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. सूर्य प्रकाश गुप्ता, डॉ. मधु गुप्ता तथा फैकल्टी सदस्य प्रभाकर तिवारी, नेहा गोयल, नीलम सिंह, सुमित पांडे, काजल गौतम, भूपेंद्र पांडे, शुभम शुक्ला, ऋषि राम, प्रदीप सिंह, मनोज द्विवेदी, आशुतोष जैन, इशिका मिश्रा एवं जया गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इंडक्शन कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं फार्मेसी विभाग की शैक्षणिक संस्कृति से जुड़ने तथा अपने भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित करने का अवसर प्रदान किया।
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