पामगढ़ के देव वृद्धा आश्रम में बड़े घोटाले का आरोप:केवल 2 बुजुर्गों पर भी लाखों रुपये खर्च दिखाए, कर्मचारियों के नाम से अनियमित चेक काटकर पैसा निकाला
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 13 मई 2026।
जांजगीर-चांपा: नगर पंचायत पामगढ़ में संचालित देव वृद्धा आश्रम सेवा समिति पर समाज कल्याण विभाग के फंड में अनियमितता और गबन का गंभीर आरोप लगा है। सूत्रों के अनुसार आश्रम में मात्र 2 बुजुर्ग रहते हैं, जबकि समिति लाखों रुपये खर्च दिखाकर सरकारी पैसा वसूल रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले 2 वर्षों से आश्रम में बुजुर्गों की संख्या 4-5 से ज्यादा नहीं रही है। वर्तमान में केवल 2 बुजुर्ग ही यहां रह रहे हैं। इसके बावजूद समिति ने 1.50 लाख रुपये के आसपास खर्च दिखाए हैं।
आश्रम संचालक अगम बर्मन का कहना है कि प्रति वृद्धजन के लिए प्रतिदिन 20 रुपये का खर्च है, यानी एक व्यक्ति का मासिक खर्च 600 रुपये होता है। उन्होंने यह भी बताया कि 6-6 महीने में कर्मचारियों के नाम पर चेक काटकर उसी से राशन समेत अन्य खर्च उठाए जाते हैं।
कर्मचारियों के नाम पर चेक काटने का खेल
मिली जानकारी के मुताबिक आश्रम में केवल 2 कर्मचारी रखे गए हैं, जिन्हें 3000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने का दावा किया जाता है। लेकिन हर 6 महीने में:
एक कर्मचारी के नाम पर 90,000 रुपये
दूसरे कर्मचारी के नाम पर 77,000 रुपये
का चेक काटा जाता है। कर्मचारी अपना 6 महीने का वेतन (18,000 रुपये) रखकर बाकी रकम अगम बर्मन को वापस लौटा देते हैं।
समिति ने आश्रम संचालन के लिए टेंडर लिया है, फिर भी चेक कर्मचारियों के नाम पर जारी किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनियमित माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में सरकारी धन का गलत आहरण हो रहा है।
लोगों ने कहा कि समाज कल्याण विभाग मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करें।
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