सतना। ए के एस विश्वविद्यालय के पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. डूमर सिंह ने किसानों को आगाह किया है कि इस समय प्याज की फसल पर रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि रबी सीजन में उगाई जाने वाली प्याज की फसल अभी वृद्धि अवस्था में है, ऐसे में पर्पल ब्लॉच और स्टेम्फिलियम ब्लाइट जैसे रोग गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।उन्होंने कहा कि ये दोनों फफूंद जनित रोग अधिक नमी, बारिश और जरूरत से ज्यादा सिंचाई के कारण तेजी से फैलते हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसानों को भारी उत्पादन हानि झेलनी पड़ सकती है।डॉ. सिंह के अनुसार, स्टेम्फिलियम ब्लाइट रोग स्टेम्फिलियम वेसिकेरियम नामक फफूंद से फैलता है। इसके लक्षण मार्च-अप्रैल में अधिक दिखाई देते हैं, जब तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस और वातावरण में नमी अधिक होती है। इस रोग में पत्तियों पर पीले या भूरे धब्बे बनते हैं, जो बाद में गहरे होकर पत्तियों को सुखा देते हैं।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत में जलभराव न होने दें, संतुलित सिंचाई करें और रोग के लक्षण दिखते ही उपयुक्त फफूंदनाशक का छिड़काव करें, ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके।