एकेएस विश्वविद्यालय में उन्नत तकनीक से पपीता की खेती, किसानों के लिए बनेगा मॉडल
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सतना। एकेएस विश्वविद्यालय के उद्यान शास्त्र विभाग द्वारा कृषि नवाचार को बढ़ावा देते हुए 2 एकड़ क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के माध्यम से पपीता की व्यावसायिक खेती की शुरुआत की गई है।

इस परियोजना में रेड लेडी, रेड बेबी, व्हीएनआर अमीना एवं व्हीएनआर शबनम जैसी उच्च उत्पादक और रोगरोधी किस्मों का चयन किया गया है, जो किसानों के लिए लाभकारी मानी जाती हैं।

पौधरोपण का शुभारंभ पूजा-अर्चना के साथ कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. अशोक कुमार भौमिक एवं अनुसंधान संचालक डॉ. नीरज वर्मा की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों और छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।इस कृषि पहल को प्रति कुलाधिपति ई. अनंत सोनी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

साथ ही संचालक प्रक्षेत्र श्री अमित सोनी, कुलगुरु डॉ. चोपडे, संचालक प्रशासन श्री ब्रजेन्द्र सोनी एवं समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

परियोजना की योजना विभागाध्यक्ष डॉ. मोहिनी परमार के नेतृत्व में श्री अंशुल आसरे, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. अनुपम सिंह एवं डॉ. ईमामुदीन द्वारा तैयार की गई। पपीते के पौधे नीमच रोपणी से लाए गए हैं।यह पहल क्षेत्र के किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित फल उत्पादन की दिशा में प्रेरित करेगी और सफल होने पर आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल सिद्ध होगी।

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