
सतना, 25 मार्च 2026। ए.के.एस. यूनिवर्सिटी, जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) एवं राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से प्रत्यायित है, में एग्रीफेस्ट 2026 का औपचारिक शुभारंभ गरिमामय एवं अकादमिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन कृषि विज्ञान, प्रौद्योगिकी नवाचार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा सतत कृषि विकास की अवधारणाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य आतिथ्य प्रो-चांसलर इंजीनियर अनंत कुमार सोनी एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) बी.ए. चोपड़े की विशिष्ट उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रो. डॉ. शेखर कुमार मिश्रा (परीक्षा नियंत्रक एवं डीन अकादमिक), प्रो. डॉ. ए.के. भौमिक (डीन, फास्ट), प्रतिकुलपति डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव तथा डॉ. नीरज वर्मा (अध्यक्ष, कृषि विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक समृद्ध किया।
इस अवसर पर प्रो-चांसलर अनंत कुमार सोनी ने कहा, “एग्रीफेस्ट जैसे आयोजन कृषि शिक्षा को नवाचार, उद्यमिता एवं सतत विकास की दिशा में व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं।”
अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था डॉ. एस.के. पांडे, श्री आर.सी. त्रिपाठी, डॉ. डूमर सिंह, डॉ. वी.डी. द्विवेदी एवं श्री अयोध्या प्रसाद पांडे द्वारा की गई। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ डॉ. रमा शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा सरस्वती पूजन के साथ हुआ, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान किया।
एग्रीफेस्ट के अंतर्गत आयोजित विविध गतिविधियों ने कृषि शिक्षा के व्यावहारिक एवं अनुप्रयुक्त आयामों को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया। कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने रंगोली, मेहंदी एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. वीरेंद्र विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में ग्रामीण जीवन, कृषि परंपराओं एवं लोक संस्कृति का सृजनात्मक प्रस्तुतीकरण इन माध्यमों से किया गया।
पोस्टर प्रेजेंटेशन का संचालन डॉ. एस.के. पांडे तथा मॉडल प्रदर्शनी का मार्गदर्शन डॉ. वी.डी. द्विवेदी द्वारा किया गया, जिसमें उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रणाली प्रबंधन, जैविक कृषि, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल प्रबंधन एवं कृषि यंत्रीकरण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों की शोधपरक दृष्टि स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

अपशिष्ट सामग्री पुनर्चक्रण प्रतियोगिता, डॉ. मृत्युंजय पांडे के निर्देशन में आयोजित हुई, जिसमें कृषि अपशिष्ट प्रबंधन, बायोमास उपयोग एवं सतत संसाधन पुनर्चक्रण की अवधारणा को सुदृढ़ किया गया। वहीं फूड प्रतियोगिता, डॉ. अंकित भारती के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई, जिसमें “फूड स्मोक” थीम के अंतर्गत तैयार व्यंजनों की प्रतिभागियों एवं निर्णायकों द्वारा भरपूर सराहना की गई तथा स्वाद, नवाचार एवं प्रस्तुतीकरण के लिए विद्यार्थियों को खूब बधाई मिली। स्पॉट फोटोग्राफी प्रतियोगिता, श्री राजबीर सिंह के निर्देशन में आयोजित हुई, जिसमें कृषि परिदृश्य एवं जैव विविधता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।
समानांतर रूप से लूडो प्रतियोगिता श्री संजय लिल्हारे तथा कैरम प्रतियोगिता डॉ. बृंदावन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुईं, जिन्होंने प्रतिभागियों में सामूहिकता एवं संतुलित प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित की। इसके अतिरिक्त स्पून रेस (डॉ. मोहिनी परमार), म्यूजिकल चेयर (डॉ. बिनीता सिंह), वन-लेग्ड टैग (डॉ. डी.पी. चतुर्वेदी) एवं रस्साकशी (डॉ. अनुपम सिंह) जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों में शारीरिक दक्षता, टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता का प्रभावी विकास किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री संतोष कुमार, डॉ. रमा शर्मा एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि जजों के स्वागत एवं समन्वय का दायित्व श्री अयोध्या पांडे एवं उनकी टीम द्वारा दक्षतापूर्वक निभाया गया।
एग्रीफेस्ट 2026 का उद्घाटन दिवस इस तथ्य को सशक्त रूप से स्थापित करता है कि कृषि शिक्षा केवल उत्पादन प्रणाली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, सतत विकास, पर्यावरणीय संतुलन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन एवं कृषि-आधारित उद्यमिता का व्यापक आधार है। यह आयोजन विद्यार्थियों को अनुसंधान, तकनीकी दक्षता एवं व्यावहारिक कृषि प्रबंधन के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा।
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