धरमजयगढ़ में अवैध सफेद पत्थर खनन का संगठित खेल ? राजस्व और पर्यावरण की हो रही क्षति ?
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धरमजयगढ़ – क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से सफेद पत्थर के उत्खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति और पट्टे के जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है तथा ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के माध्यम से पत्थरों की खुलेआम ढुलाई की जा रही है। यह पूरा काम सुनियोजित तरीके से संचालित होता दिखाई दे रहा है, जिससे शासन को राजस्व की हानि और क्षेत्र को पर्यावरणीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार लगातार हो रही खुदाई से कृषि भूमि की उपजाऊ परत नष्ट हो रही है और कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है, विशेषकर बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्राकृतिक संसाधनों के इस अंधाधुंध दोहन से भू-क्षरण और पर्यावरण संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभागों की भूमिका को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनिज विभाग और प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई के अभाव में अवैध खनन से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद हैं और गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी हैं।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा अवैध उत्खनन को तत्काल रोका जाए। जनहित, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए अब ठोस और त्वरित कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
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