इकलौते बेटे की मौत के गहन सदमे में पति-पत्नी ने लगाई फांसी, घर के आंगन में नीम के पेड़ पर लटके मिले दोनों शव; गांव में छाया मातम
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संवाददाता : जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा। उदघोष समय न्यूज़, 16 फरवरी 2026।
जांजगीर-चांपा। जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र अंतर्गत धरदेई गांव में एक बेहद हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक दंपति ने अपने इकलौते बेटे की असमय मौत से मिले गहन मानसिक आघात को सहन न कर पाने के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान कृष्णा पटेल (उम्र 48 वर्ष) और उनकी पत्नी रमाबाई पटेल (उम्र 47 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना के अनुसार, कुछ दिन पहले दंपति के इकलौते बेटे आदित्य पटेल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुखद घटना से दंपति गहराई से टूट चुके थे और लगातार मानसिक रूप से परेशान रहते थे। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उनके घर के आंगन में लगे नीम के पेड़ पर दोनों को साड़ी से बने फंदे पर लटका हुआ देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को अवगत कराया गया।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया, शवों को सुरक्षित नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मुख्य कारण बेटे की मौत से मिला गहरा सदमा बताया जा रहा है। दंपति ने आत्महत्या से पहले 4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें लिखा है कि वे पूरे होश-ओ-हवास में अपनी इच्छा से खुद को भगवान शिव में अर्पित कर रहे हैं। नोट में स्पष्ट किया गया है कि किसी का कोई दोष नहीं है और परिजन प्रसन्नचित्त होकर विदाई दें।
इसके अलावा, उन्होंने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें वकील से अनुरोध किया गया कि यदि वे नहीं रहेंगे तो बेटे आदित्य के क्लेम/बीमा राशि को उनके बड़े भाई कुलबहरा पटेल और जलबहरा पटेल को दिलवा दिया जाए।
घटना के बाद पूरे धरदेई गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद साधारण और मेहनती था। कृष्णा पटेल राजमिस्त्री का काम करते थे, जबकि रमाबाई गृहिणी थीं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और किसी अन्य कारण की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है।
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