नगर निकायों में संचालनालय के आदेशों की अनदेखी, पद के विपरीत कराया जा रहा कार्य
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संभाग ब्यूरो दुर्गा गुप्ता
रायपुर/जिला।

संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा वर्ष 2015 में जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद छत्तीसगढ़ के कई नगरीय निकायों में आज तक आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। स्थिति यह है कि पद के अनुरूप कार्य सौंपने संबंधी निर्देश केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं।
संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि लेखापाल जैसे महत्वपूर्ण पद से संबंधित कार्य चौकीदार, भृत्य, पंप चालक अथवा मैकेनिक जैसे कर्मचारियों से कराया जाना प्रशासनिक दृष्टि से गलत है। इसके बावजूद कई नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में आज भी यही स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, लिपिक वर्ग के नियमित कर्मचारियों की उपलब्धता के बावजूद लेखा संबंधी कार्य अन्य श्रेणी के कर्मचारियों से कराए जा रहे हैं, जिससे न केवल कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है बल्कि वित्तीय अनियमितताओं की आशंका भी बनी रहती है।
संचालनालय के आदेश में सभी आयुक्तों एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि कार्य विभाजन पद के अनुरूप किया जाए और जिम्मेदारी केवल संबंधित वर्ग के नियमित कर्मचारियों को ही दी जाए, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की उदासीनता के चलते आदेशों की खुलकर अनदेखी हो रही है।
जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते आदेशों का पालन नहीं कराया गया तो भविष्य में नगर निकायों को गंभीर प्रशासनिक और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि शासन इस लापरवाही पर कब तक मौन रहता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
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