एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय के प्राध्यापकों का शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित।
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सतना। एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय के सहायक प्राध्यापक गायत्री सिंह राठौर, प्रशान्त कुमार तथा डॉ. देवेन्द्र मणि मिश्रा, एलएनसीटी विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया शोध पत्र “भारतीय दंड संहिता की धारा 124A (राजद्रोह) की न्यायिक व्याख्या: औपनिवेशिक नियंत्रण से संवैधानिक समीक्षा तक” प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका वाईएमईआर अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका (आईएसएसएन: 0044-0477, खंड 25, अंक 01, जनवरी 2026) में प्रकाशित हुआ है।यह शोध पत्रिका वर्ष 2025 की स्कोपस सक्रिय सूची (चतुर्थ श्रेणी) में सम्मिलित एक मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय शोध मंच है, जिसका प्रकाशन स्टॉकहोम विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है। प्रकाशित शोध में भारतीय दंड संहिता की धारा 124A (राजद्रोह) की न्यायिक व्याख्या के ऐतिहासिक एवं संवैधानिक विकास का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान इस कानून का उपयोग जन-असहमति को दबाने के साधन के रूप में किया जाता था। साथ ही, स्वतंत्र भारत में भारतीय न्यायपालिका, विशेषकर सर्वोच्च न्यायालय, द्वारा इस धारा की संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप पुनर्व्याख्या को विश्लेषित किया गया है। अध्ययन में उन महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों को रेखांकित किया गया है, जिनके माध्यम से राजद्रोह को केवल हिंसा अथवा सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने वाले कृत्यों तक सीमित किया गया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के श्री सूर्यनाथ सिंह गहरवार सहित विधि संकाय के समस्त प्राध्यापकों ने सहायक प्राध्यापक गायत्री सिंह राठौर एवं प्रशान्त कुमार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
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