पुरुँगा कोल ब्लॉक: ग्रामीण विरोध के बीच ‘अनापत्ति’ का खेल?
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धरमजयगढ़ – पुरुँगा कोल ब्लॉक को लेकर मेसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की मंशा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कंपनी ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत या ग्राम से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर उसे सम्बंधित कार्यालय में जमा कराने सम्बंधित पत्र सौंप दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ग्राम पंचायत या ग्राम सभा से यह अनापत्ति इतनी आसानी से मिल जाएगी? क्षेत्र में पहले से ही कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का तीखा विरोध सामने आता रहा है। जल, जंगल, जमीन पर पड़ने वाले प्रभाव, आजीविका का संकट और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर ग्रामीण खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। ऐसे में कंपनी का यह कदम इस आशंका को जन्म देता है कि लोकल सहमति को औपचारिकता बनाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
जानकारों का कहना है कि ग्राम सभा की स्पष्ट सहमति के बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र देना न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत होगा, बल्कि आगे चलकर गंभीर कानूनी और सामाजिक टकराव का कारण भी बन सकता है। यदि पंचायत स्तर पर दबाव, जल्दबाजी या सीमित लोगों की सहमति से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाता है, तो यह पूरे गांव की राय को दरकिनार करने जैसा होगा।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ग्राम पंचायत ग्रामीणों की आवाज बनेगी या नहीं ? पुरुँगा कोल ब्लॉक में असली परीक्षा पंचायत की निष्पक्षता और ग्राम सभा की सर्वोच्चता की है, जहां फैसला कागजों से नहीं, जनमत से होना चाहिए।


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