ग्राम रूपडेगा में पुलिस जन चौपाल — लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने जीता ग्रामीणों का विश्वास, संवाद और समाधान के मॉडल बने
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रायगढ़, 7 दिसंबर।
लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम रूपडेगा में आज आयोजित पुलिस जन चौपाल में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव का नेतृत्व और जन-संवेदनशीलता पूरे कार्यक्रम का केंद्र रहा। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस चौपाल को ग्रामीणों ने पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी घटाने वाला सफल प्रयास बताया।
गिरधारी साव ने गांववासियों से बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली भाषा में संवाद स्थापित किया। उन्होंने समस्या बताओ, समाधान पाओ के सिद्धांत पर काम करते हुए ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत जवाब दिया। उनके वक्तव्य में स्पष्टता, दृढ़ता और मानवीय दृष्टिकोण साफ झलकते रहे।
उन्होंने कहा कि शराब केवल घर नहीं, भविष्य भी उजाड़ती है — इसलिए पुलिस नशाबंदी अभियान को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा रही है। साव की बातों में ग्रामीणों को पुलिस की चेतावनी नहीं, बल्कि समाज सुधारक की आवाज सुनाई दी, जिसने महिलाओं और बुजुर्गों का दिल जीत लिया।
महिलाओं ने घरेलू हिंसा, सुरक्षा और युवाओं में बढ़ते नशे के मुद्दे उठाए — जिस पर गिरधारी साव ने बिना औपचारिकता, पूरी प्रतिबद्धता के साथ आश्वासन दिया कि अवैध शराब बेचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि परिवार बचाना भी है — यह जज्बा इस चौपाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।
गिरधारी साव ने छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा और मारपीट करने वालों को समझाते हुए कहा —
👉 “कानून हाथ में लेने से केवल गिरफ्तारी नहीं होती, जीवन टूटता है और परिवार बिखरते हैं। इसलिए समझदारी और कानून दोनों का सम्मान जरूरी है।”
गांव के बुजुर्गों ने खुलकर कहा कि गिरधारी साव जैसे अधिकारी पुलिस की वह छवि बनाते हैं जो जनता के बीच विश्वास पैदा करती है।
चौपाल के दौरान उनका व्यवहार, समस्या सुनने का धैर्य, मौके पर निर्देश जारी करने की सक्रियता और तत्काल समाधान की नीयत — सभी ने ग्रामीणों को प्रभावित किया।
✨ लैलूंगा में गिरधारी साव की नेतृत्व शैली policing का संवेदनशील और सकारात्मक चेहरा सामने लाती है।
✨ वे केवल थाना प्रभारी नहीं, बल्कि संवाद, समाधान और सामाजिक सुधार की सोच रखने वाले अधिकारी के रूप में पहचाने जा रहे हैं।
ग्राम रूपडेगा का यह चौपाल इस बात का शानदार उदाहरण है कि—
🔹 अगर नेतृत्व सच्चा, संवाद खुला और नीयत साफ हो तो पुलिस केवल डर नहीं, भरोसे का नाम बन जाती है।
और इस परिवर्तन का सबसे बड़ा श्रेय थाना प्रभारी गिरधारी साव की समर्पित कार्यशैली को जाता है, जिन्हें आज ग्रामीणों ने केवल अधिकारी नहीं, जनसेवक की तरह स्वीकार किया।
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