धरमजयगढ़ जनपद के ग्राम पंचायतों में स्वीकृति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न—दस्तावेज़ी अनुपालन की स्थिति संदिग्ध
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धरमजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पिछले वित्तीय वर्षों के दौरान अनेक निर्माण एवं विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन उपलब्ध अभिलेखों की प्राथमिक समीक्षा में स्वीकृति प्रक्रिया के अनुपालन को लेकर कई विसंगतियाँ उभरकर सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार कई कार्यों में ना तो प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की गई, न ही अनिवार्य तकनीकी स्वीकृति का पालन दर्शाया गया, फिर भी कार्यों को “पूर्ण” अथवा “जारी” दर्शाते हुए संबंधित मदों से लाखों रुपये का आहरण कर लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके अतिरिक्त कुछ ग्राम पंचायतों को ऐसे कार्यों में प्रशासनिक स्वीकृतिकर्ता के रूप में ग्राम पंचायत को दर्शाए जाने का उल्लेख भी सामने आया है, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया एवं अधिकार पूर्व से ही स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं। कई प्रकरणों में तो तकनीकी स्वीकृति की मूलभूत आवश्यकता तक को अनदेखा किए जाने का संकेत मिलता है, जो कार्य मानकों और वित्तीय नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता।
ऐसी परिस्थितियाँ पूरे प्रक्रिया तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती हैं। इसलिये यह अपेक्षा की जा रही है कि समस्त अभिलेखों की तथ्यपरक और निष्पक्ष जाँच की जाए, ताकि वास्तविक प्रावधानों और पालन की स्थिति स्पष्ट हो सके।
सूत्र यह भी संकेत देते हैं कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों द्वारा स्वीकृति, माप पुस्तिका, भुगतान आदेश और कार्य प्रगति अभिलेखों का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
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