ए.के.एस. विश्वविद्यालय में व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं औद्योगिक सुरक्षा पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।
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सतना, 12 नवम्बर 2025।
ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के विद्युत, यांत्रिक, सिविल और सीमेंट प्रौद्योगिकी विभागों के संयुक्त तत्वावधान में “व्यावसायिक स्वास्थ्य, औद्योगिक सुरक्षा और सुरक्षा-संवेदनशील कार्यस्थलों में प्राथमिक चिकित्सा तैयारियाँ” विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 10 से 14 नवम्बर 2025 तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा अभियंताओं को कार्यस्थलों पर सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन,आपातकालीन स्थितियों से निपटने और प्राथमिक चिकित्सा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. रमा शुक्ला और डॉ. प्रलव श्रीवास्तव हैं, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीहर पांडेय और डॉ. गौरव शुक्ला अपनी भूमिका निभा रहे हैं।कार्यक्रम के पहले दिन का विषय “खानों में सुरक्षा” रहा, जिसमें मुख्य अतिथि एवं वक्ता श्री पी. के.पालित, सेवानिवृत्त निदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय डी.जी.एम.एस.ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने खनन कार्यों में संभावित जोखिमों, गैस रिसाव ,विशेषकर कार्बन मोनोऑक्साइड की पहचान और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। श्री पालीट ने कहा कि “सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि खनन क्षेत्र की संस्कृति होनी चाहिए।”विद्यार्थियों ने सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और खनन दुर्घटनाओं की रोकथाम, प्राथमिक उपचार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर सार्थक प्रश्न पूछे। डॉ. रमा शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में “सुरक्षा पहले” की भावना विकसित करते हैं। डॉ. प्रलत्व श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी दिनों में औद्योगिक संयंत्रों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत कार्यस्थलों पर जोखिम मूल्यांकन, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक चिकित्सा जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम की आगामी रूपरेखा के अनुसार 11 नवम्बर को व्यवहार विज्ञान, 12 नवम्बर को निर्माण स्थलों पर सुरक्षा, 13 नवम्बर को कार्यस्थल पर जोखिम पहचान और 14 नवम्बर को समापन सत्र आयोजित किया जाएगा। पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ए.के.एस. विश्वविद्यालय के अंतर्गत संस्था अपने विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों में व्यावसायिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा और समाज में सुरक्षित कार्य संस्कृति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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