धरमजयगढ़ में भूमिगत कोयला खदान को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई निरस्त करने की मांग दोहराई
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धरमजयगढ़ – छत्तीसगढ़: 23 अक्टूबर को धरमजयगढ़ जनपद पंचायत कार्यालय सभाकक्ष में मेसर्स अंबुजा सीमेंट (अदानी समूह) के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि/प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंपनी के अधिकारी परियोजना से जुड़ी आशंकाओं के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कथित भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उपस्थित सभासदों को बताया कि भूमिगत परियोजना होने के कारण कोयला खदान का स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोत, वन और जल स्तर पर शून्य अथवा न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के कारण न तो वन कटेंगे, न भू-अर्जन होगा और न ही किसी का विस्थापन किया जाएगा।
इस बैठक का आयोजन 22 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय, रायगढ़ में विरोध प्रदर्शन के बाद किया गया था, जिसमें ग्रामीणों ने आगामी 11 नवंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की थी। कलेक्टर ने उस समय निर्णय लेने के लिए 24 घंटे का समय लिया था।बैठक के बाद यह अनुमान लगाया गया था कि प्रतिनिधियों को जनसुनवाई के लिए अपना स्पष्टीकरण देने के बाद मार्ग आसान हो सकता है। हालांकि, अधिकांश ग्रामीणों को इस बैठक की जानकारी नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप, शाम में साम्हरसिंघा में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें जनसुनवाई संबंधी जानकारी साझा की गई।
ग्रामीणों ने इस जानकारी ( जनसुनवाई कराये जाने ) को नकारते हुए अपनी एक सूत्रीय मांग—जनसुनवाई निरस्त करने की मांग—दोहराई और स्पष्ट किया कि वे हर हाल में अपनी इस मांग पर अड़े रहेंगे।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि जब cतक प्रशासन, कंपनी और ग्रामीणों के बीच खुले मंच पर सार्वजनिक और पारदर्शी संवाद स्थापित नहीं होता, तब तक विवाद का समाधान मुश्किल है।
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