धरमजयगढ़/रायगढ़ — आज तीनों ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण और किसान शांतिपूर्ण रूप से रायगढ़ कलेक्टरेट में इकट्ठा हुए। वे कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने खड़े होकर हाथों में तख्तियाँ उठाए और जोरदार नारे लगाते दिखे—“हाथी को बचाना है!”, “अडानी को भगाना है!”, “रहना है तो लड़ना है!”, “लड़ेंगे — जीतेंगे!” — ये नारे भारी एकता और संकल्प दर्शा रहे थे।
नारे लगाते हुये ग्रामीण
जमसमूह ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शांति एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाना है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे स्थानीय जंगल, खेती और हाथियों जैसे वन्यजीवों के अस्तित्व की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं और परियोजना के संभावित पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों के खिलाफ प्रशासन से न्यायसंगत जवाब की माँग कर रहे हैं।
प्रदर्शन का वातावरण गंभीर पर संयमित था: कई महिलाएं, बुजुर्ग और युवा एक साथ खड़े थे, कुछ तख्तियाँ लेकर खड़े थे तथा कुछ लोगों ने प्रशासन से संवाद की मांग करते हुए शांतिपूर्ण पद्धति से अपनी बात रखी। आयोजकों ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या संपत्ति के नुकसान से साफ़ दूरी बनाई और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही।