मनरेगा में फर्जीवाड़े का खेल जारी! हकदारों से छिन रहा रोजगार, कागज़ों में पूरा — ज़मीनी हक़ीक़त में शून्य
1 min read

धरमजयगढ़।
ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब कई जगहों पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का अड्डा बनती जा रही है। जानकारी के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में फर्जी जॉब कार्ड तैयार कर भुगतान उठाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मनरेगा सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो न तो गांव में रहते हैं और न ही उन्होंने कोई काम किया है। इन फर्जी नामों के जरिए मानव दिवस बढ़ाकर फर्जी भुगतान दिखाया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
वास्तविक मजदूरों का कहना है कि कई बार काम की मांग के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दिया जाता, जबकि कागजों में योजनाओं को पूरा दर्शा दिया जाता है। इससे न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि ग़रीब ग्रामीणों के हक़ पर भी डाका डाला जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि अगर विभाग जॉब कार्ड और भुगतान का भौतिक सत्यापन कराए तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में कड़ी जांच और कार्रवाई की जाए।
Subscribe to my channel