पत्थलगांव का नंदन झरिया पुल बना कचरे का डंपयार्ड – एक्सपायर जूस की सैकड़ों पैक बोतलें सड़क और नाले में बिखरीं, अब बारिश से खेत और पीने का पानी भी दूषित!
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पत्थलगांव | 24 जुलाई 2025, दोपहर 3:00 बजे | विशेष रिपोर्ट
रायगढ़ रोड से पत्थलगांव में प्रवेश करने पर नंदन झरिया पुल के पास का नजारा चौंकाने वाला है। पुल के किनारे सैकड़ों की संख्या में पैक्ड ‘मैंगो जूसी ड्रिंक’ की एक्सपायर बोतलें और पाउच सड़क व नाले में फेंके गए हैं।
बारिश से केमिकल बहकर खेतों में और नंदन झरिया के पानी में मिला
- लगातार हो रही बारिश के कारण यह कचरा अब पानी के साथ बहकर आसपास के खेतों में पहुंच रहा है।
- जूस में मिले केमिकल और प्रिजर्वेटिव्स किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
- यही पानी नंदन झरिया के बहाव में जाकर ग्रामीणों के पीने के पानी में भी मिल रहा है।
- ग्रामीण सवाल कर रहे हैं: “अगर हमने यह दूषित पानी पिया तो हमारी सेहत का जिम्मेदार कौन होगा?”
बदबू से सांस लेना मुश्किल, बच्चों और मवेशियों की जान पर संकट
- सड़क के किनारे फैले इन पैक्ड जूस के साथ गंदगी और नाले का पानी मिलकर भयंकर बदबू फैला रहा है।
- यह रास्ता ग्रामीण बच्चों और मवेशियों के रोजाना आने-जाने का है।
- अगर किसी बच्चे या जानवर ने ये एक्सपायर जूस पी लिया तो उनकी जान पर भी खतरा है।
स्थानीय नागरिक ने दी सूचना – लेकिन प्रशासन खामोश
स्थानीय नागरिक सरदार हैप्पी भाटिया ने यह हालात देखकर तुरंत नगर पालिका के सीएमओ को फोन कर मामले की जानकारी दी।
लेकिन कई घंटे बाद भी न तो कचरा हटाया गया और न ही इसका डिस्पोजल हुआ।
किसानों का गुस्सा – मुआवजा कौन देगा?
- किसानों का कहना है कि केमिकलयुक्त पानी से उनकी फसलें खराब हो रही हैं।
- अगर फसल बर्बाद होती है तो क्या प्रशासन मुआवजा देगा?
- ग्रामीण अब सामूहिक रूप से जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जनता की मांग
- तत्काल इस कचरे को हटाकर सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया जाए।
- दोषियों की पहचान कर उन पर कार्यवाही की जाए।
- किसानों की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए।
- नंदन झरिया के पानी की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
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