सतना: जो हम बो रहे हैं वहीं काटेंगे ,क्योंकि देने वाला भी वही है, लेने वाला भी वही है उपरोक्त विचार संत श्री खिम्यादास जी साहिब ने 48 वें संत समागम व मेले पर श्री झूलेलाल मन्दिर में भोग साहिब तदुपरान्त संतो व आम भंडारे के आयोजन,अवसर पर कहीं,इस अवसर पर परम श्रद्धेय ब्राह्मण समाज से सम्मानीय महाराज,श्री घनश्याम शर्मा जी,श्री प्रशान्त श्रृंगी जी,श्री प्रमोद श्रृंगी जी,श्री नरेन्द्र शर्मा जी,श्री अशोक शर्मा जी,श्री प्रदीप शर्मा जी, परम पूज्य सन्त समाज के सभी दरबारों,आश्रमों से परम पूज्य सन्त मोतीराम आश्रम से भाई खिम्या दास जी,प्रहलाद जी,श्री जे के धाम,सन्त धाम से भाई ईश्वर दास जी,ओम बाबा जी,बाबा मेहर शाह दरबार से साईं पुरुषोत्तम दास जी,सन्त मनोहर धाम से साईं संतोख दास जी,अभयमुनि राजा भैया जी,सन्त कंवर राम दरबार से साईं किशोर दास जी,श्री श्यामदास दरबार से साईं राजकुमार जग्यासी जी,श्री अर्जुनदास दरबार से भाई मुरलीधर जग्यासी जी,भाई थावरदास दरबार से भाई साजन दास जी,भाई निहान दास दरबार से भाई विजय जग्यासी जी,श्री गुरुदेव दरबार से भाई अशोक आहूजा जी, व शहर के गणमान्य नागरिक माताएं बहनें व प्रबुद्ध नगरवासी भारी संख्या में उपस्थित रहे।