नगरीय क्षेत्र में सार्वजनिक नल प्रतिबंधित ? निजी कनेक्शन लगाने की सलाह !
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धरमजयगढ़ – नगर पंचायत धरमजयगढ़ क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था को लेकर की जा रही शिकायतों पर दिए जा रहे जवाब अब स्वयं सवालों के घेरे में आ गए हैं। सीएम हेल्पलाइन में गांधी चौक, गुड़िया होटल एवं एचपी गैस एजेंसी के सामने स्थित सार्वजनिक नल में पानी नहीं आने की शिकायत पर नगर पंचायत द्वारा जो जवाब दिया गया है, उसने स्थानीय नागरिकों के बीच नई बहस छेड़ दी है।
नगर पंचायत ने अपने जवाब में कहा है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्र में सार्वजनिक नल लगाया जाना प्रतिबंधित है। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित नल कनेक्शन टूट जाने के कारण पानी बह रहा था, इसलिए उसे बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं को निजी नल कनेक्शन के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है।
हालांकि इस जवाब के बाद कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठ रहे हैं। यदि सार्वजनिक नल वास्तव में प्रतिबंधित हैं, तो नगर क्षेत्र में वर्षों से संचालित अनेक सार्वजनिक नल किस आधार पर लगाए गए और आज भी क्यों मौजूद हैं? यदि कनेक्शन टूट गया था, तो उसकी मरम्मत कर पेयजल सुविधा बहाल करने के बजाय उसे स्थायी रूप से बंद करना क्या उचित समाधान माना जा सकता है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जिन राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों , व्यवसायियों और अन्य नागरिकों के पास निजी नल कनेक्शन की सुविधा नहीं है, उनकी पेयजल आवश्यकता की पूर्ति कैसे होगी?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत का उद्देश्य जल संरक्षण और बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि सार्वजनिक सुविधाओं को समाप्त कर लोगों को निजी कनेक्शन लेने की सलाह देना। यदि शासन की नीति में वास्तव में सार्वजनिक नलों पर रोक है, तो इस संबंध में स्पष्ट आदेश और वैकल्पिक व्यवस्था भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
यह मामला केवल एक नल का नहीं, बल्कि नगर की सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था और उसकी नीति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि नगर पंचायत इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण देती है या फिर नागरिकों की मूल समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाती है।
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