धरमजयगढ़ – रायगढ़ जिले की छाल तहसील स्थित पुरंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक को लेकर वन सलाहकार समिति (एफ़सी) ने राज्य सरकार के प्रस्ताव की समीक्षा के बाद परियोजना के पक्ष में 621.331 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन हेतु स्टेज-1 (सैद्धांतिक) वन स्वीकृति की अनुशंसा कर दी है। जिससे परियोजना की वैधानिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। समिति के मिनट्स के अनुसार, परियोजना के लिए 4,368 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। राज्य सरकार की रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि प्रस्तावित क्षेत्र एवं उसके आसपास एशियाई हाथी, भारतीय पैंगोलिन, स्लॉथ भालू, भारतीय लोमड़ी तथा चीता जैसे वन्यजीवों की कभी-कभार आवाजाही होती है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए लगभग 14.81 करोड़ रुपये की वन्यजीव प्रबंधन योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। स्टेज-1 वन स्वीकृति मिलने के साथ पुरंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक की परियोजना आगे बढ़ने का मार्ग काफी हद तक प्रशस्त हो गया है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक क्रियान्वयन स्टेज-1 स्वीकृति में निर्धारित सभी शर्तों के पालन तथा आवश्यक वैधानिक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद ही संभव होगा।