चित्रकूट में 25 से 27 फरवरी तक होंगे कई आयोजन
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भारत रत्न नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि पर चित्रकूट में 25 से 27 फरवरी तक होंगे कई आयोजन
कृषि विज्ञान मेला एवं प्रदर्शनी का होगा उद्घाटन, कई विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की रहेगी भागीदारी
27 फरवरी को स्वावलंबन अभियान 2.0 (साइन) का शुभारंभ एवं श्रद्धांजलि व भंडारा प्रसाद का होगा आयोजन
चित्रकूट- दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा भारत रत्न राष्ट्र ॠषि नानाजी देशमुख की 16 वीं पुण्यतिथि के रूप 25 से 27 फरवरी को श्रद्धांजलि समारोह/ भंडारा प्रसाद एवं विभिन्न समसामयिक विषयों पर राष्ट्रीय सेमिनार दीनदयाल परिसर चित्रकूट में होने वाले इस आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। कार्यक्रम का शुभारंभ 25 फरवरी को प्रातः 11 बजे ‘विकसित भारत, स्वावलम्बी भारत, समरस भारत, समर्थ भारत, स्वाभिमानी भारत’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले विभिन्न सेमिनार के सामूहिक उद्घाटन सत्र के साथ होगा।
इस अवसर पर जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें प्राकृतिक उत्पाद, मूल्यवर्धन, श्री अन्न एव कृषि अभियंत्रीकी द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रो की उन्नत उत्पादन तकनीकीयों की प्रदर्शनी लगने वाली है।
नानाजी की पुण्यतिथि कार्यक्रमों के अन्तर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी व सेमिनार जिसमें महिलाओं की आत्मनिर्भरता में ग्रामीण स्वरोजगार की भूमिका, स्वावलंबी कृषि तकनीकी एवं नवाचार, तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता से कृषकों में समृद्धि, औषधीय एवं सुगंधित पौधों का वर्तमान परिदृश्य एवं भविष्य की संभावनाएं, उत्तम पशुधन प्रबंधन में पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका, समरस एवं समृद्ध भारत में कृषक उत्पादक संगठनों की भूमिका, कृषि विकास में परंपरागत ज्ञान एवं आधुनिक नवाचार का एकीकरण विषयक विभिन्न सेमिनार अलग-अलग सभागारों में आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दिवस 27 फरवरी को सभी सेमिनारों के समापन के साथ स्वावलंबन अभियान 2.0 (साइन) का शुभारंभ भी होगा।
विकसित भारत के लिए औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आर्थिक विकास में भूमिका विषय पर सेमिनार में राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलगुरु प्रो. इंद्र प्रसाद त्रिपाठी, पूर्व आईएएस दीपक खांडेकर, शासकीय महाविद्यालय सतना के प्राध्यापक डॉ शिवेश प्रताप सिंह एवं दीनदयाल को संस्थान के कोषाध्यक्ष वसंत पंडित प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। जिसमें औषधि एवं सुगंधित पौधों के भविष्य के फाइटो- फार्मास्यूटिकल्स के लिए औषधि एवं सुगंधी पौधों का संरक्षण, औषधि पौधों की खेती में वर्मी कंपोस्ट का महत्व, जड़ी बूटियां की प्राकृतिकता एवं शुद्धता बनाए रखने का महत्व, स्वस्थ भारत के लिए स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का महत्व आदि विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से विषय विशेषज्ञों द्वारा विचार विनमय किया जाएगा।
दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अभय महाजन ने कहा कि नानाजी का जीवन और उनके कार्य हमेशा सबके लिए रहे हैं इसलिए उनकी 16 वीं पुण्यतिथि पर देश भर के कई विश्वविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा देशभर से प्रमुख विषय विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है। 27 फरवरी को हवन के पश्चात भंडारा प्रसाद शुरू होगा। यह सारा कार्यक्रम दीनदयाल परिसर उद्यमिता विद्यापीठ चित्रकूट में संपन्न होगा। श्रद्धांजलि एवं भंडारा प्रसाद के लिए आम जनमानस सपरिवार सादर आमंत्रित है।
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