February 11, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

शासकीय प्राथमिक शाला उरैहा में शिक्षिका पर बच्ची को मारपीट का आरोप सिद्ध – बच्चों ने प्रधान पाठक के सामने ही कबूला, अभिभावकों की मांग: तत्काल सस्पेंशन और तबादला

1 min read
Spread the love


संवाददाता: जिला ब्यूरो चीफ, जांजगीर-चांपा।  उदघोष समय न्यूज, 11 फरवरी 2026।


जांजगीर-चांपा।  जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम उरैहा (चंडीपारा पंचायत) की शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षिका श्रीमती पुष्पा बारंगे पर 9 वर्षीय कक्षा 3 की छात्रा विधी भार्गव को होमवर्क न करने पर शारीरिक दंड (मारपीट) देने का गंभीर आरोप अब और मजबूत हो गया है।



“उदघोष समय न्यूज” के संवाददाता ने प्रधान पाठक जय प्रकाश मरावी के सामने ही स्कूल में मौजूद अन्य बच्चों से बात की। बच्चों ने स्पष्ट रूप से बताया कि “विधी को बारंगे मैडम ने मारपीट की है”। यह बयान घटना की पुष्टि करता है और शिक्षिका के खिलाफ सबूत को और ठोस बनाता है। बच्ची के पिता नरेश भार्गव ने पहले ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत में RTE एक्ट 2009 की धारा 17, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और Juvenile Justice Act 2015 की धारा 75 का हवाला देते हुए तत्काल जांच की मांग की थी।




घटना का विवरण:

दिनांक 10 फरवरी 2026 को होमवर्क/पाठ याद न करने पर शिक्षिका पुष्पा बारंगे ने गुस्से में बच्ची के सिर और पीठ के हिस्से पर थप्पड़ मारे। बच्ची को शारीरिक दर्द के साथ गहरा मानसिक सदमा लगा, वह रोई और अब स्कूल जाने से डर रही है। बच्चों के बयान से साफ है कि यह कोई एकतरफा आरोप नहीं, बल्कि घटना स्कूल में मौजूद कई बच्चों की आंखों देखी साक्षी है।


प्रधान पाठक का बयान और मिलीभगत का आरोप
संवाददाता ने प्रधान पाठक जय प्रकाश मरावी से बात की, जिन्होंने स्वीकार किया कि “बारंगे और साहू मैडम को चेतावनी दूंगा, आगे ऐसा नहीं होगा।” लेकिन बच्चों के सामने ही मारपीट की पुष्टि होने के बाद अभिभावक इसे प्रधान की मिलीभगत और मामला दबाने की कोशिश बता रहे हैं। वे कहते हैं कि प्रधान खुद लापरवाही में शामिल हैं – स्कूल समय पर नहीं पहुंचते, मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं, और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षिका मीनाक्षी साहू पर भी समान आरोप हैं।


स्कूल की बदहाली और अभिभावकों का आक्रोश
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों का व्यवहार असभ्य है। राष्ट्रीय पर्वों पर कोई निमंत्रण नहीं, पढ़ाई का स्तर गिरा हुआ है, जिससे गरीब परिवार प्राइवेट स्कूलों की ओर मजबूर हो रहे हैं।


अभिभावकों और ग्रामीणों की तत्काल मांगें:

1. शिक्षिका पुष्पा बारंगे, प्रधान पाठक जय प्रकाश मरावी और मीनाक्षी साहू का तत्काल सस्पेंशन कर उरैहा स्कूल से तबादला किया जाए।

2. बच्चों के बयान सहित विभागीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई हो।

3. स्कूल में CCTV लगवाया जाए, नियमित उपस्थिति मॉनिटरिंग हो, मोबाइल उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और स्थानीय निगरानी समिति गठित की जाए।

4. जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और उच्च अधिकारियों से त्वरित हस्तक्षेप हो।


कानूनी स्थिति:

RTE एक्ट 2009 स्पष्ट रूप से स्कूलों में शारीरिक दंड पर प्रतिबंध लगाता है। JJ Act 2015 की धारा 75 के तहत देखभालकर्ता (शिक्षक) द्वारा बच्चे को पीड़ा पहुंचाने पर 3-10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। बच्चों के प्रत्यक्ष बयान इस मामले को और गंभीर बनाते हैं।


“उदघोष समय न्यूज” इस मामले की पैरवी कर रहा है। बच्चों के बयान के बाद विभाग की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यदि 24-48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई, तो अभिभावक और ग्रामीण सामूहिक आंदोलन शुरू कर सकते हैं। शिक्षा विभाग से अपेक्षा है कि वह बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp