ग्रामोदय महोत्सव का तीसरा दिनग्रामोदय व्याख्यान माला सहित खेल, सांस्कृतिक, बौद्धिक प्रतियोगिताये हुईसमाजसेवी गोपाल भाई थे मुख्य वक्ता, कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने की अध्यक्षता
1 min read

चित्रकूट- 10 फरवरी 2026। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में चल रहे पंच दिवसीय ग्रामोदय महोत्सव के तीसरे दिन संपन्न प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने बौद्धिक, सांस्कृतिक, ललित कला, खेल कूद प्रतियोगिताओ का भ्रमण कर मार्गदर्शन दिया।

विश्वविद्यालय परिसर स्थित वाल्मीकि सभागार में आज ग्रामोदय व्याख्यान माला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान, चित्रकूट के संस्थापक एवं समाजसेवी गया प्रसाद गोपाल रहे।
प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अमरजीत सिंह, मुख्य संयोजक ग्रामोदय महोत्सव और कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. नंदलाल मिश्रा विशिष्ट अतिथि रहे । ग्रामीण विकास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो देवेंद्र प्रसाद पाण्डेय, व्याख्यान माला के संयोजक रहे। मंचासीन अतिथियों का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान सहित उनके जीवन परिचय में उनके द्वारा किए गए दीर्घकालीन सामाजिक, ग्रामीण एवं मानवीय कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। पूर्व छात्रा संध्या द्वारा प्रस्तुत प्रेरक गीत “गाँव बढ़ेगा, देश बढ़ेगा” ने सभागार को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया और ग्रामोदय की भावना को जीवंत कर दिया।व्याख्यान माला में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र छात्राओं ने सहभागिता की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि गया प्रसाद गोपाल ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के साथ कार्य करते हुए प्राप्त अनुभवों को साझा किया। उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना के मूल उद्देश्यों, उसके वैचारिक आधार तथा ग्रामीण समाज के समग्र विकास में विश्वविद्यालय की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मझगवां एवं मानिकपुर क्षेत्रों में किए गए ग्रामीण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए चेक डैमों के निर्माण, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन, स्वावलंबन, शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयासों की भी जानकारी दी। विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने ग्रामीण विकास, सामाजिक सेवा एवं जीवन मूल्यों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान गोपाल भाई ने अपने सरल, प्रेरक एवं व्यावहारिक अनुभवों के साथ दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि गया प्रसाद गोपाल जैसे समाजसेवियों का जीवन विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज सेवा, ग्राम विकास एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा नानाजी देशमुख के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें। प्रो चौबे ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख का सपना था कि सुविधाओं का लाभ गांव और गांव में रहने वाली आबादी को भी मिलना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए। सफलता अवश्य मिलेगी। प्रो आलोक चौबे ने कहा कि ग्रामोदय को रोल मॉडल बनाकर नव विकास कार्यकर्ता आगे बढ़ेंगे, तो देश और प्रदेश ग्रामीण विकास के गौरवशाली उद्देश्य को प्राप्त कर सकेगा। आभार प्रदर्शन प्रो. ललित कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष हिंदी ने किया।

खेल प्रतियोगिताये हुई
खेल परिसर में सम्पन्न खेल कूद प्रतियोगिताओ की श्रृंखला में आज एथलेटिक्स खेल के रूप में ऊंची कूद, डिस्कस थ्रो, 100 मीटर दौड़,400 मीटर दौड़ की फाइनल प्रतियोगिताये डॉ विनोद कुमार सिंह के संयोजन में आयोजित हुई। क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के उत्साह वर्धन के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

सांस्कृतिक प्रतियोगिताओ में उत्साह के साथ देश प्रेम झलक दिखी
विवेकानंद सभागार में आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिताओ में आज रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब सराहा। डॉ विवेक फड़नीस के संयोजन में संपन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओ में एकल गायन, समूह गायन, महाभारत नृत्य वाटिका, मोनो एकल अभिनय, ऑपरेशन सिंदूर, प्लेन क्रैक आदि सम सामयिक विषयों को शामिल किया गया था।

वाद विवाद प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने अपने विचार रखें
कला संकाय भवन में आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों के छात्र छात्राओं ने सहभागिता कर अपनी बौद्धिक क्षमता को प्रस्तुत किया किया। बौद्धिक प्रतियोगिताये प्रो ललित कुमार सिंह के संयोजन में संपन्न हुई, जिसका विषय क्या तकनीकी मानव को संवेदन हीन बना रही है। ग्रामोदय महोत्सव के मुख्य संयोजक प्रो नन्द लाल मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओ में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।


Subscribe to my channel