चार माह कि गर्भवती कमांडो काजल को पति अंकुर ने दाहेज उत्पीड़न को लेकर कि हत्या -सोंनीपत गंन्नोर क्षेत्र
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सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र के बड़े गांव में एक पिता की दुनिया उसकी बेटी के साथ ही उजड़ गई।
राजमिस्त्री का काम करने वाले राकेश ने दिन-रात मेहनत कर अपने तीनों बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। इसी मेहनत का नतीजा था कि उनकी बेटी काजल (27) ने साल 2022 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
पढ़ाई के दौरान ही काजल की मुलाकात गन्नौर निवासी अंकुर से हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने परिवार की सहमति से वर्ष 2023 में शादी कर ली। शादी से पहले ही काजल का चयन दिल्ली पुलिस की कमांडो यूनिट में हो गया था, जबकि अंकुर को रक्षा मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी मिल गई थी। परिवार को लगा कि बेटी का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल है।
लेकिन यह भरोसा ज्यादा दिन नहीं टिक सका। परिजनों के अनुसार, शादी के महज 15 दिन बाद ही दहेज में कार और पैसों की मांग को लेकर काजल को प्रताड़ित किया जाने लगा। रोज़ाना ताने, दबाव और मारपीट से परेशान होकर काजल साल 2024 में नौकरी के लिए दिल्ली आकर रहने लगी, ताकि खुद को संभाल सके। इसके बावजूद पति अंकुर वहां भी उस पर पैसों का दबाव बनाता रहा और हिंसा करता रहा।
आखिरकार 22 जनवरी की रात आरोपी पति ने लोहे के डंबल से काजल के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। बुधवार को काजल का पार्थिव शरीर बड़े गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस की टीम भी श्मशान घाट पहुंची और पूरे सम्मान के साथ काजल को अंतिम विदाई दी।
यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दहेज और घरेलू हिंसा की वह सच्चाई है, जिसने एक होनहार बेटी, एक पिता का सपना और एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
रिपोर्टर – दिपक यादव
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