ए.के.एस. विश्वविद्यालय ने किशोर दीक्षित को पीएच.डी. उपाधि प्रदान की।खनन योजनाओं को सुरक्षित और किफायती बनाने पर केंद्रित शोध।
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सतना। ए के एस विश्वविद्यालय, सतना ने खनन अभियांत्रिकी विषय में श्री किशोर दीक्षित को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की है। श्री दीक्षित ने अपना शोध कार्य “विंध्यन सुपरग्रुप (मध्य प्रदेश के रीवा एवं सतना जिलों) की चूना पत्थर खदानों में खनन संचालन के दौरान भूवैज्ञानिक मानकों का उपयोग” विषय पर सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
शोध के दौरान विंध्यन सुपरग्रुप क्षेत्र के रीवा और सतना जिलों की चूना पत्थर खदानों में खनन गतिविधियों का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक अध्ययन किया गया। इसमें भूवैज्ञानिक संरचना, स्तरक्रम, ग्रेड परिवर्तन, संसाधन एवं भंडार आकलन जैसे प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि सटीक भूवैज्ञानिक मानकों के उपयोग से खनन योजनाओं को अधिक सुरक्षित, किफायती और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया कि खनन से पूर्व एवं खनन के दौरान भूवैज्ञानिक विश्लेषण अपनाने से जोखिमों में कमी आती है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि संभव होती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध सीमेंट उद्योग सहित चूना पत्थर आधारित खनन परियोजनाओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
इस शोध कार्य का मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के खनन अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. बी. के. मिश्रा ने किया। पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने के अवसर पर इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो. जी. के. प्रधान ने श्री दीक्षित को बधाई देते हुए उनके शोध को उद्योग और अकादमिक जगत के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उल्लेखनीय है कि श्री किशोर दीक्षित मूल रूप से चित्रकूट धाम के खोही ग्राम के निवासी हैं। वर्तमान में वे मेसर्स आर.सी.सी.पी.एल. प्रा. लि. के माइंस विभाग में उप महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार, सहकर्मियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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