चित्रकूट में प्राचीन गौरीहार मंदिर को ध्वस्त करने शुरु की गई कार्यवाही हाईकोर्ट स्टे के बाद रोकी गईसड़क चौड़ीकरण के चलते अतिक्रमण हटाने लगाए गए थे आधा दर्जन बुलडोजर
चित्रकूट- धार्मिक नगरी चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य के लिए बुधवार को प्राचीन गौरीहार मंदिर की बारादरी को ध्वस्त किए जाने का काम लगभग एक घंटे बाद ही रोक दिया गया। अतिक्रमण हटाने प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों के अलावा भारी संख्या में आसपास के थाने का पुलिस बल मौजूद था। दोपहर लगभग 12 बजे अतिक्रमण हटाने की बृहद स्तर पर कार्यवाही शुरु की गई।इससे पहले पूरे मंदिर की ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी कराई गई। साथ ही बारादरी के कमरों में रखे सामान को बाहर हटाया गया। इसके बाद एक पोकलैंड मशीन सहित चार जेसीबी मशीनों के साथ मंदिर की बारादरी को ध्वस्त करने का काम शुरू किया गया। लगभग एक घंटे तक तक कार्यवाही जारी रही। इसी बीच हाईकोर्ट से स्टे आर्डर जारी होने की जानकारी सामने आने के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गौरीहार मंदिर की बारादरी को गिराने की कार्यवाही रोक दी गई और पूरे लाव लश्कर को गायत्री मंदिर की तरफ मोड़ दिया गया। गायत्री मंदिर की बाउंड्री वाल को हटाया गया। इस दौरान सतना जिले की पांच तहसीलों के एसडीएम, एडिशनल एसपी सहित जिले के आधा दर्जन थानों का भारी पुलिस बल मौजूद रहा।