ए.के.एस. विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थियों की वैश्विक सिविल इंजीनियरिंग संगोष्ठी में सहभागिता।
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सतना। पिंपरी, पुणे स्थित डॉ. डी. वाय. पाटिल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (छात्र अध्याय) के सहयोग से “जलवायु सहनशीलता, जल सुरक्षा एवं ऊर्जा परिवर्तन : सतत विकास के मार्ग” विषय पर तीन दिवसीय वैश्विक संगोष्ठी का आयोजन 5 से 7 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, जल संसाधनों के संतुलित प्रबंधन तथा स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग पर सरल और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए।ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से सतीश कुमार तिवारी, श्रद्धा पांडेय, गरिमा पांडेय, रिचा त्रिपाठी, विशुतोष बाजपेयी तथा विभागाध्यक्ष डॉ. प्रलव श्रीवास्तव ने संगोष्ठी में सक्रिय सहभागिता करते हुए शैक्षणिक चर्चाओं में अपने विचार रखे।
विश्वविद्यालय के बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के विद्यार्थी प्रदीप मिश्रा, प्रिंस सिंह बघेल, नरेंद्र मारकम, सत्यम कुशवाहा, सागर गुप्ता, शशांक श्रीवास्तव, सिद्धार्थ शुक्ला, हर्ष सिंह रघुवंशी, राजीव लोचन गौतम, शिवम साकेत, आशुतोष अहिरवार, साक्षी बागरी एवं स्वाती साकेत ने भी इस वैश्विक संगोष्ठी में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय शोध दृष्टिकोण से परिचय प्राप्त किया। यह संगोष्ठी ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और वैश्विक स्तर पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।इंजीनियरिंग संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर जी. के. प्रधान ने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इस वैश्विक आयोजन में सहभागिता के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि से ए.के.एस. विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक पहचान मिली है।
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