25–30 साल बाद “मृत” घोषित करने की कोशिश! फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा खुलासा
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अनूपपुर/बुढ़ार।
जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 25–30 वर्ष पूर्व ग्राम छोड़कर अन्यत्र बस चुके व्यक्ति को मृत घोषित कराने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास किया गया।
प्रकरण के अनुसार रामचरण गुप्ता नामक व्यक्ति, जो वर्षों पहले ग्राम पंचायत रामपुर से स्थानांतरित हो चुका था, उसकी मृत्यु दर्शाते हुए पंचायत स्तर पर आवेदन प्रस्तुत किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु का किसी भी शासकीय अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र अथवा पंजीकरण कार्यालय में कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
शपथ-पत्र और पंचनामा पर उठे सवाल
दस्तावेज़ों में लगाए गए शपथ-पत्र, पंचनामा और ग्राम पंचायत के पत्रों में कई गंभीर विरोधाभास सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार आवेदन में आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न नहीं किए गए, जबकि केवल शपथ-पत्र के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने की कोशिश की गई।
तहसीलदार से की गई लिखित शिकायत
मामले को गंभीर मानते हुए ग्राम पंचायत स्तर से तहसीलदार बुढ़ार को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि—
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए
पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए
दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए
प्रशासन की भूमिका पर भी नजर
यह मामला न सिर्फ फर्जी दस्तावेज़ निर्माण से जुड़ा है, बल्कि इससे प्रशासनिक लापरवाही और पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो ऐसे मामलों से सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अब निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।





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